ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
मत्स्य पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसमें विष्णु के मत्स्य अवतार, वंशावली और तीर्थों का वर्णन है।
मत्स्य पुराण में पुराणों के लक्षण भी बताए गए हैं।
मत्स्य पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। यह भगवान विष्णु के मत्स्य (मछली) अवतार पर केंद्रित है। इसमें सृष्टि, मत्स्य कथा, राजाओं की वंशावली, तीर्थ, व्रत, दान, और मोक्ष का वर्णन है। यह पुराण पुराणों के लक्षणों का भी विस्तार से वर्णन करता है।
मत्स्य पुराण में २९१ अध्याय हैं। इसमें मत्स्य अवतार द्वारा मनु को प्रलय से बचाने की कथा, सूर्यवंश और चंद्रवंश की विस्तृत वंशावली, और तीर्थों (प्रयाग, काशी, गया) का महात्म्य है। इसमें दान की विधियाँ, व्रत (जैसे एकादशी, पूर्णिमा), और मूर्ति निर्माण (शिल्पशास्त्र) का भी उल्लेख है।
मत्स्य पुराण में भक्ति, धर्म और राजनीति का संगम है। इसे पढ़ने से सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
मत्स्य पुराण (Matsya Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
मत्स्य पुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Matsya Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
950 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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