भक्तिलोक ग्रंथालय
म
मार्कण्डेय पुराण (Markandeya Purana) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
पुराण

मार्कण्डेय पुराण

Markandeya Purana
0 कुल अध्याय
44 पठन
hi भाषा
780 पृष्ठ

मार्कण्डेय पुराण में देवी माहात्म्य का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

मार्कण्डेय पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसमें देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) का वर्णन है।
यह पुराण देवी दुर्गा की महिमा का प्रमुख ग्रंथ है।

मार्कण्डेय पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है "देवी माहात्म्य" (दुर्गा सप्तशती) जो इसी पुराण का अंग है। यह पुराण ऋषि मार्कण्डेय द्वारा कहा गया माना जाता है और इसमें धर्म, भक्ति, तीर्थ, व्रत और देवी की महिमा का अद्भुत वर्णन है।

मार्कण्डेय पुराण में १३७ अध्याय हैं। प्रारंभ में जैमिनि ऋषि मार्कण्डेय से धर्म के प्रश्न पूछते हैं, जिनके उत्तर में यह ग्रंथ प्रकट होता है। इसमें चार प्रमुख खंड हैं – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) ७०० श्लोकों में देवी के तीन चरित्रों का वर्णन करता है – महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती स्वरूप में। यह खंड नवरात्रि में पाठ किया जाता है।

इस पुराण में अन्य महत्वपूर्ण कथाएँ भी हैं – सती-शिव का विवाह, दक्ष यज्ञ, मदालसा उपाख्यान, और राजा हरिश्चन्द्र की कथा। इसमें योग, सांख्य और भक्ति का समन्वय दिखता है। मार्कण्डेय पुराण बताता है कि देवी की उपासना से सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ सरल भाषा में व्याख्या दी गई है। यह ग्रंथ शक्ति उपासकों, विद्वानों और धार्मिक अध्ययन करने वालों के लिए अमूल्य है।

सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)

लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।

ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
मार्कण्डेय पुराण (Markandeya Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
मार्कण्डेय पुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Markandeya Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
780 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)

अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।