ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
महाभारत विश्व का सबसे लंबा महाकाव्य है। इसे महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित माना जाता है। इसमें १८ पर्व, लगभग १,००,००० श्लोक हैं। महाभारत में कुरुक्षेत्र युद्ध, पांडवों और कौरवों के संघर्ष, भगवद्गीता, और हजारों उपकथाओं का वर्णन है।
महाभारत के प्रमुख पर्व हैं – आदिपर्व, सभापर्व, वनपर्व, विराटपर्व, उद्योगपर्व, भीष्मपर्व (जिसमें भगवद्गीता है), द्रोणपर्व, कर्णपर्व, शल्यपर्व, सौप्तिकपर्व, स्त्रीपर्व, शांतिपर्व, अनुशासनपर्व, अश्वमेधिकपर्व, आश्रमवासिकपर्व, मौसलपर्व, महाप्रस्थानिकपर्व, और स्वर्गारोहणपर्व।
महाभारत केवल युद्ध की कथा नहीं है; यह धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चार पुरुषार्थों का सार है। इसमें भगवद्गीता के माध्यम से ज्ञान, कर्म, और भक्ति का अद्वितीय उपदेश दिया गया है। यह ग्रंथ नीति, राजनीति, मानवीय संबंधों, और जीवन के सभी पहलुओं का दर्पण है।
प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ सरल भाषा में अर्थ और कथा दी गई है। यह संस्करण विद्वानों, शोधार्थियों, और महाभारत प्रेमियों के लिए अमूल्य है।