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माधवनिदान (Madhavanidana) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
आयुर्वेद

माधवनिदान

Madhavanidana
0 कुल अध्याय
46 पठन
hi भाषा
470 पृष्ठ

इसमें ज्वर, अतिसार, कुष्ठ, उन्माद, प्रमेह आदि रोगों का सूक्ष्म विवेचन है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

माधवनिदान आयुर्वेद का प्रमुख निदान-ग्रंथ है। इसमें सत्तर से अधिक रोगों के लक्षण, हेतु और संप्राप्ति का वर्णन है।
माधवनिदान को रोगविनिश्चय भी कहा जाता है।

माधवनिदान आयुर्वेद का एक प्रसिद्ध निदान-ग्रंथ है, जिसकी रचना माधवकर ने की थी। इसे "रोगविनिश्चय" भी कहा जाता है। यह ग्रंथ विशेष रूप से रोगों के निदान (लक्षण, हेतु, संप्राप्ति) पर केंद्रित है। इसमें सत्तर से अधिक रोगों का सूक्ष्म विवेचन है – ज्वर, अतिसार, कुष्ठ, शोथ, पाण्डु, श्वास, कास, उन्माद, अपस्मार, मूत्राघात, प्रमेह, आदि। प्रत्येक रोग के निदान में निदान पंचक – हेतु, पूर्वरूप, रूप, उपशय, संप्राप्ति – का क्रमबद्ध वर्णन है।

माधवनिदान की विशेषता इसकी संक्षिप्तता और वैज्ञानिकता है। इसमें रोगों के लक्षणों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग किया गया है, जिससे विभिन्न रोगों में भेद करना सरल हो जाता है। यह ग्रंथ निदान के क्षेत्र में आयुर्वेद का सबसे प्रामाणिक स्रोत माना जाता है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ सरल भाषा में अर्थ और व्याख्या दी गई है। यह पुस्तक आयुर्वेद के छात्रों, चिकित्सकों और शोधार्थियों के लिए निदान के अध्ययन हेतु अनिवार्य है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
माधवनिदान (Madhavanidana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
माधवनिदान
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Madhavanidana
श्रेणी (Category)
आयुर्वेद
पृष्ठ संख्या (Pages)
470 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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