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काश्यप संहिता (Kashyapa Samhita) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
आयुर्वेद

काश्यप संहिता

Kashyapa Samhita
0 कुल अध्याय
54 पठन
hi भाषा
620 पृष्ठ

महर्षि काश्यप को कौमारभृत्य के आचार्य माना जाता है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

काश्यप संहिता आयुर्वेद का बाल रोग (कौमारभृत्य) पर आधारित ग्रंथ है। इसमें गर्भावस्था, शिशु-पोषण, बाल रोग और स्तनपान का वर्णन है।
काश्यप संहिता में बाल रोगों के निदान और चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया गया है।

काश्यप संहिता आयुर्वेद का एक प्राचीन ग्रंथ है, जो विशेष रूप से बाल रोग (कौमारभृत्य) पर केंद्रित है। इसके रचयिता महर्षि काश्यप (वृद्धजीवक) माने जाते हैं। यह ग्रंथ आठ स्थानों में विभक्त है – सूत्रस्थान, निदानस्थान, विमानस्थान, शारीरस्थान, चिकित्सास्थान, कल्पस्थान, सिद्धिस्थान, और खिलस्थान। इसमें गर्भावस्था से लेकर शिशु-पोषण, बाल रोगों का निदान, दुग्ध-दोष, दंतीकरण, और बाल-मनोविज्ञान का विस्तृत वर्णन है।

काश्यप संहिता की विशेषता है – "स्तन्यपान विधि", "बालग्रह" (बाल रोगों के कारण), और विभिन्न आयु में बच्चों के लिए आहार-विहार के नियम। इसमें माता के दूध की गुणवत्ता, स्तनपान के नियम, और शिशु की देखभाल के सूक्ष्म उपाय दिए गए हैं। यह ग्रंथ बाल रोग विशेषज्ञों, आयुर्वेद चिकित्सकों और माता-पिता के लिए अत्यंत उपयोगी है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ सरल भाषा में अर्थ और व्याख्या दी गई है। यह पुस्तक आयुर्वेद में कौमारभृत्य के अध्ययन का आधारभूत ग्रंथ है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
काश्यप संहिता (Kashyapa Samhita) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
काश्यप संहिता
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Kashyapa Samhita
श्रेणी (Category)
आयुर्वेद
पृष्ठ संख्या (Pages)
620 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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