ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
कपिलपुराण सांख्य दर्शन, गंगा सागर महात्म्य और योग का वर्णन करता है।
कपिलपुराण में गंगा के अवतरण और भगीरथ की कथा है।
कपिलपुराण एक उपपुराण है जो महर्षि कपिल द्वारा प्रतिपादित सांख्य दर्शन और भक्ति का समन्वय करता है। इसमें सृष्टि की रचना, प्रकृति-पुरुष का विवेक, योग, और मोक्ष के सिद्धांत बताए गए हैं।
यह ग्रंथ विशेष रूप से गंगा सागर (सागर द्वीप) के महात्म्य के लिए प्रसिद्ध है। इसमें गंगा के अवतरण, भगीरथ की तपस्या, और सागर पुत्रों की कथा का वर्णन है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ सांख्य दर्शन, गंगा महात्म्य और योग में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
कपिलपुराण (Kapila Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
कपिलपुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Kapila Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
550 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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