ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
अथर्ववेदीय उपनिषद, जाबाल ऋषि के दर्शन, संन्यास और ब्रह्मज्ञान।
जाबालदर्शनोपनिषद् – संन्यास और दर्शन की उपनिषद।
जाबालदर्शनोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध एक उपनिषद है। यह जाबाल ऋषि के दर्शन का प्रतिपादन करती है। इसमें संन्यास, वैराग्य, ब्रह्मविद्या और आत्मसाक्षात्कार के मार्ग का विवेचन है।
यह उपनिषद् विशेष रूप से संन्यास आश्रम के साधकों के लिए निर्देश देती है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
जाबालदर्शनोपनिषद् (Jabala Darshana Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
जाबालदर्शनोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Jabala Darshana Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
85 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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