भक्तिलोक ग्रंथालय
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ईशावास्यभाष्य (शंकराचार्य) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

ईशावास्यभाष्य

Ishavasyopanishad Bhashya
0 कुल अध्याय
43 पठन
hi भाषा
120 पृष्ठ

कर्म और ज्ञान का समन्वय – ईशावास्य का अद्वैत रहस्य।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

ईशावास्योपनिषद् पर शंकराचार्य का भाष्य, जो कर्म, ज्ञान और सन्यास के समन्वय को दर्शाता है।
ईशावास्योपनिषद् का शंकराचार्य का प्रसिद्ध भाष्य।

ईशावास्योपनिषद् शंकराचार्य के भाष्य सहित वेदान्त का एक प्रमुख ग्रन्थ है। यह उपनिषद् केवल १८ मन्त्रों में जीवन के समग्र दर्शन को प्रस्तुत करती है – कर्म, ज्ञान, और सन्यास का समन्वय।

शंकराचार्य ने अपने भाष्य में स्पष्ट किया है कि ईश्वर सर्वव्यापी है और मनुष्य को त्याग और ज्ञान द्वारा मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
ईशावास्यभाष्य (शंकराचार्य) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
ईशावास्यभाष्य
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Ishavasyopanishad Bhashya
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
120 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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