ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
गरुड़ पुराण का प्रेतकल्प मृत्यु, नरक, श्राद्ध और पिंडदान की विधियों का वर्णन करता है।
प्रेतकल्प में यमलोक, नरकों के कष्ट, और गयाश्राद्ध का महत्व है।
गरुड़ पुराण का प्रेतकल्प मृत्यु के बाद की यात्रा, प्रेत योनि, नरकों के कष्ट, और प्रेतों को मुक्ति देने के लिए श्राद्ध, पिंडदान, और गयाश्राद्ध की विधियों का विस्तृत वर्णन करता है। यह खंड हिंदू अंत्येष्टि संस्कारों का सबसे प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है।
इसमें यमराज, यमदूत, चित्रगुप्त, और प्रेतों के २१ नरकों का वर्णन है। साथ ही, श्राद्ध के १६ प्रकार, पिंडदान के नियम, और गया में पिंडदान की महिमा बताई गई है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ उन सभी के लिए उपयोगी है जो मृत्यु संस्कार, श्राद्ध और पितरों की मुक्ति के विषय में जानना चाहते हैं।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
गरुड़ पुराण (प्रेतकल्प) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
गरुड़ पुराण (प्रेतकल्प)
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Garuda Purana (Pretakalpa)
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
950 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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