भक्तिलोक ग्रंथालय
द
दशरूपक (Dasharupaka) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
नाट्यशास्त्र

दशरूपक

Dasharupaka
0 कुल अध्याय
49 पठन
hi भाषा
280 पृष्ठ

नाट्यशास्त्र का लघु किंतु महत्वपूर्ण ग्रंथ।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

दशरूपक धनंजय का नाट्यशास्त्रीय ग्रंथ है जिसमें दस रूपकों की परिभाषा और लक्षण दिए गए हैं।
दस प्रकार के रूपकों का संक्षिप्त विवेचन।

दशरूपक धनंजय द्वारा रचित नाट्यशास्त्र का संक्षिप्त ग्रंथ है। इसमें दस प्रकार के रूपक (नाटकों) का वर्णन है – नाटक, प्रकरण, भाण, व्यायोग, समवकार, डिम, ईहामृग, अंक, वीथी, प्रहसन।

यह ग्रंथ नाट्यसिद्धांत के सूत्रबद्ध ज्ञान के लिए प्रसिद्ध है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
दशरूपक (Dasharupaka) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
दशरूपक
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Dasharupaka
श्रेणी (Category)
नाट्यशास्त्र
पृष्ठ संख्या (Pages)
280 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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