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छान्दोग्योपनिषद् (Chandogya Upanishad) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

छान्दोग्योपनिषद्

Chandogya Upanishad
0 कुल अध्याय
62 पठन
hi भाषा
520 पृष्ठ

छान्दोग्योपनिषद् वेदांत का प्रमुख ग्रंथ है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

छान्दोग्योपनिषद् सामवेद का विशाल उपनिषद् है, जिसमें "तत्त्वमसि" महावाक्य प्रतिपादित है।
छान्दोग्योपनिषद् में "तत्त्वमसि" का सिद्धांत है।

छान्दोग्योपनिषद् सामवेद से संबद्ध एक विशाल उपनिषद् है, जिसमें आठ अध्याय हैं। यह उपनिषद् उपदेशों, संवादों और दृष्टांतों के माध्यम से ब्रह्मविद्या का विवेचन करती है। इसमें "तत्त्वमसि" (तू वह है) का महावाक्य आता है, जो श्वेतकेतु और उद्दालक ऋषि के संवाद में प्रतिपादित है।

छान्दोग्योपनिषद् में ओंकार की उपासना, प्राण की महिमा, और सृष्टि के रहस्यों का वर्णन है। छठे अध्याय में उद्दालक ऋषि अपने पुत्र श्वेतकेतु को सत् (ब्रह्म) का ज्ञान देते हैं। आठवें अध्याय में "दहर विद्या" (हृदयाकाश में स्थित ब्रह्म) का उपदेश है।

यह उपनिषद् संज्ञा और संज्ञान के माध्यम से ब्रह्म को समझाने का प्रयास करती है। इसमें गायत्री विद्या, संवर्ग विद्या, और शांडिल्य विद्या जैसी महत्वपूर्ण विद्याएँ हैं। छान्दोग्योपनिषद् वेदांत दर्शन का एक आधार ग्रंथ है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत मंत्रों के साथ सरल भाषा में अर्थ, पदच्छेद और विस्तृत व्याख्या दी गई है। यह संस्करण वेदांत के अध्ययन, आध्यात्मिक साधना और शोध के लिए अत्यंत उपयोगी है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
छान्दोग्योपनिषद् (Chandogya Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
छान्दोग्योपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Chandogya Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
520 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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