ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
बृहज्जाबालोपनिषद् शैव परम्परा की एक प्रमुख उपनिषद है, जिसमें भस्म, रुद्राक्ष और पंचाक्षर मन्त्र का विवेचन है।
शिव-उपासना, भस्मधारण और रुद्राक्ष का वर्णन।
बृहज्जाबालोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध एक महत्वपूर्ण उपनिषद है। यह मुख्यतः रुद्र (शिव) की उपासना, भस्मधारण (विभूति), रुद्राक्ष, और पंचाक्षर मन्त्र "ॐ नमः शिवाय" के महात्म्य का वर्णन करती है।
इस उपनिषद् में जाबाल ऋषि से भगवान शंकर द्वारा बताए गए गुप्त विद्याओं का उल्लेख है। यह शैव परम्परा के साधकों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
बृहज्जाबालोपनिषद् – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
बृहज्जाबालोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Brihajjabalopanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
95 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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