ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
ब्रह्माण्ड पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसमें ब्रह्माण्ड की रचना, भूगोल और देवी ललिता का वर्णन है।
ब्रह्माण्ड पुराण में देवी ललिता की महिमा का विस्तृत वर्णन है।
ब्रह्माण्ड पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। यह पुराण ब्रह्मा के अंड (ब्रह्माण्ड) की रचना, भूगोल, और देवी ललिता की महिमा के लिए प्रसिद्ध है। इसमें सृष्टि, वंशावली, तीर्थ, व्रत, और देवी उपासना का विस्तृत वर्णन है।
ब्रह्माण्ड पुराण में ४० अध्याय हैं (अलग-अलग संस्करणों में भिन्नता)। इसमें "ललितोपाख्यान" नामक भाग है, जो देवी ललिता (त्रिपुरसुन्दरी) की महिमा और ललिता सहस्रनाम का वर्णन करता है। यह भाग शक्ति उपासकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें भूगोल, खगोल, और ब्रह्माण्ड की रचना का विवरण भी है।
ब्रह्माण्ड पुराण में भक्ति, ज्ञान और योग का समन्वय दिखता है। इसे पढ़ने से ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति होती है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ देवी उपासकों, ज्योतिषियों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
ब्रह्माण्ड पुराण (Brahmanda Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
ब्रह्माण्ड पुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Brahmanda Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
900 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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