ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
ब्रह्म वैवर्त पुराण का गणपतिखण्ड गणेश जी की उत्पत्ति, पूजा और व्रतों का वर्णन करता है।
गणपतिखण्ड में गणेश जी को प्रथम पूज्य बताया गया है।
ब्रह्म वैवर्त पुराण का गणपतिखण्ड भगवान गणेश की उत्पत्ति, उनकी महिमा, पूजा विधियों, और व्रतों का विस्तृत वर्णन करता है। इसमें गणेश जी के १०८ नाम, गणेश चतुर्थी व्रत की विधि, और गणेश जी के विभिन्न स्वरूपों का उल्लेख है।
यह खंड गणेश भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें गणेश जी को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य बताया गया है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ गणेश उपासकों, साधकों और व्रत करने वालों के लिए उपयोगी है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
ब्रह्म वैवर्त पुराण (गणपतिखण्ड) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
ब्रह्म वैवर्त पुराण (गणपतिखण्ड)
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Brahma Vaivarta Purana (Ganapati Khanda)
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
650 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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