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ब्रह्मसूत्ररामानुजभाष्य (Sri Bhashya) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
वेदान्त

ब्रह्मसूत्ररामानुजभाष्य

Brahma Sutra Ramanuja Bhashya
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51 पठन
hi भाषा
580 पृष्ठ

श्रीभाष्य – विशिष्टाद्वैत का प्रमुख ग्रंथ।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

रामानुजाचार्य का विशिष्टाद्वैत वेदान्त पर श्रीभाष्य।
रामानुजाचार्य का ब्रह्मसूत्र भाष्य।

ब्रह्मसूत्ररामानुजभाष्य, जिसे श्रीभाष्य के नाम से जाना जाता है, रामानुजाचार्य द्वारा रचित विशिष्टाद्वैत वेदान्त का मूल ग्रंथ है। इसमें ब्रह्मसूत्रों की व्याख्या सगुण ब्रह्म (श्रीमन्नारायण) के स्वरूप, जीव-जगत-ईश्वर के अभिन्न-भिन्न संबंध के आधार पर की गई है।

यह भाष्य शंकराचार्य के अद्वैत का खंडन करते हुए भक्ति और प्रपत्ति मार्ग की स्थापना करता है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
ब्रह्मसूत्ररामानुजभाष्य (Sri Bhashya) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
ब्रह्मसूत्ररामानुजभाष्य
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Brahma Sutra Ramanuja Bhashya
श्रेणी (Category)
वेदान्त
पृष्ठ संख्या (Pages)
580 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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