ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
निम्बार्काचार्य का द्वैताद्वैत वेदान्त पर भाष्य।
निम्बार्काचार्य का ब्रह्मसूत्र भाष्य (वेदान्त पारिजात सौरभ)।
ब्रह्मसूत्रनिम्बार्कभाष्य निम्बार्काचार्य द्वारा रचित द्वैताद्वैत वेदान्त का मूल ग्रंथ है। इसे वेदान्त पारिजात सौरभ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ब्रह्मसूत्रों की व्याख्या भेद-अभेद (द्वैत-अद्वैत) के समन्वय के आधार पर की गई है।
यह भाष्य भगवान कृष्ण को सर्वोच्च ब्रह्म मानता है और जीव-ब्रह्म के भेद-अभेद संबंध का प्रतिपादन करता है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
ब्रह्मसूत्रनिम्बार्कभाष्य (Vedanta Parijata Saurabha) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
ब्रह्मसूत्रनिम्बार्कभाष्य
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Brahma Sutra Nimbarkacharya Bhashya
श्रेणी (Category)
वेदान्त
पृष्ठ संख्या (Pages)
430 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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