भक्तिलोक ग्रंथालय
भ
भविष्य पुराण (Bhavishya Purana) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
पुराण

भविष्य पुराण

Bhavishya Purana
0 कुल अध्याय
61 पठन
hi भाषा
1000 पृष्ठ

भविष्य पुराण के अनुसार भविष्य की घटनाएँ पूर्वनिर्धारित हैं।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

भविष्य पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसमें भविष्य की घटनाओं, व्रतों और धर्म का वर्णन है।
भविष्य पुराण में सूर्योपासना और व्रतों का विवरण मिलता है।

भविष्य पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसका नाम "भविष्य" इसलिए है क्योंकि इसमें भविष्य की घटनाओं का वर्णन किया गया है। यह पुराण तीन पर्वों में विभक्त है – ब्रह्मपर्व, मध्यमपर्व और प्रतिसर्गपर्व। इसमें धर्म, व्रत, तीर्थ, दान, राजाओं की वंशावली, और कलियुग के लक्षण बताए गए हैं।

प्रतिसर्गपर्व सबसे चर्चित है – इसमें मुगल, ब्रिटिश और आधुनिक काल की घटनाओं का उल्लेख मिलता है, जिससे विद्वान इसे ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं। इसमें भगवान कृष्ण, बुद्ध, शंकराचार्य और अन्य संतों की भविष्यवाणियाँ भी हैं।

भविष्य पुराण में सूर्योपासना का विशेष महत्व है। इसमें व्रतों (जैसे सूर्य षष्ठी, सावित्री व्रत) की विधियाँ, तीर्थों का माहात्म्य और दान-पुण्य के फल बताए गए हैं। उत्तरपर्व में भक्ति और मोक्ष का उपदेश है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल श्लोकों के साथ सरल व्याख्या दी गई है। यह पुराण इतिहास, धर्म और भविष्यदृष्टि में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)

लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।

ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
भविष्य पुराण (Bhavishya Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
भविष्य पुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Bhavishya Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
1000 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
24 September 2026

सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)

अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।