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Durga Bhajan Lyrics

तोला दुर्गा कहंव के मां काली (Tola durga kahavaan ke maan kaalee Lyrics in Hindi) - Bhaktilok

201 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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काली माता का कृपा प्रसंग: समर्पण का गान

भगवान काली की आराधना का यह भजन, भक्तों को शक्ति और साहस प्रदान करता है।

तोला दुर्गा कहंव के मां कालीचारों धाम में तोरे है उजारीओ माता रानीका मैं चढ़ावंव तोला दर्शन दे माता मोरचंद्रपुर में चंद्रसेनी कहाये तैंरायगढ़ मा बूढ़ी माई होघूघरा नरवा मा बइठे हस काली बन केहरदी के गौंटिन दाई वोसारंगढ़ मा तैं समलाईढोलेसरा के तैं बंजारीओ मां भवानीका मैं चढ़ावंव तोला दर्शन दे माता मोरतोर लईका दाई रोवत हौं तोर बरतोर बर मैं उदास हौंविनती ल सुन ले माता सुन ले गुहार वोराख ले अंचरा के छांव वोतोर बिना ये मोर जिन्दगानीजइसे सावन होथे बिन पानीओ माता रानीका मैं चढ़ावंव तोला दर्शन दे माता मोरदेखत हौं चारो ओेह डहार नइ दिखै तोरकहां लुकागे महामाई तैंआंसू बरसगे दाई चोला तरसगे वोकइसे पीर सुनाव मैंमोर नैना के प्यास बुझा देतोर दर्शन बिना नइ बाचंवबचा ले दाईका मैं चढ़ावंव तोला दर्शन दे माता मोर

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में मां काली और दुर्गा की आराधना की गई है, जो भक्त के हृदय में उत्साह और विश्वास का संचार करती हैं। भजन की शुरुआत में भक्त मां काली को समर्पित करते हैं, यह दर्शाता है कि भक्त माता को एक सजीव शक्ति के रूप में मानते हैं जो चारों तरफ उजाले का सिंहासन है। 'तोला दर्शन दे माता मोर' का भाव है कि भक्त माता से अपने दर्शन की प्रार्थना कर रहा है, ताकि वह उन्हें अपने जीवन में शक्ति एवं प्रेरणा दें। माता के प्रति यह भक्ति एक गहन अंतरदृष्टि को दर्शाती है, जिसमें भक्त अपनी दुखों और उत्सुकताओं को साझा कर रहा है। भक्त का यह कहना कि 'जैसे सावन होथे बिन पानी', यह दर्शाता है कि उनके जीवन में माता के बिना कोई अर्थ नहीं है।

भजन में कई भावनाएं व्यक्त की गई हैं, जैसे भय, आशा, और समर्पण। 'तोला दर्शन दे माता मोर' यह दर्शाता है कि भक्त मां से अपने जीवन की कठिनाइयों से उबरने का आग्रह कर रहा है। मां के प्रति यह रिश्ता एक गहरी चेतना का प्रतीक है। 'आंसू बरसगे' का भाव यह बताता है कि भक्त की दुर्दशा इतनी असहनीय है कि वह केवल मां की कृपा की ओर ही देख रहा है। यहां भक्त की व्यथा और मां की अनुकंपा के बीच एक गहरी संबंध की जड़ें हैं। भक्त की यह आराधना केवल एक प्रार्थना नहीं, अपितु आत्मा का गहन अंतर्दृष्टि का प्रमाण है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, मां काली को सब-बाधाओं का नाशक और शक्तिशाली चक्रवर्ती माना जाता है। यह भजन भक्ति मार्ग की गहराई को दर्शाता है, जिसमें भक्त का पूरा विश्वास, आदर और प्रेम समाहित है। मां दुर्गा और काली को सती और पार्वती के रूप में भी पूजा जाता है, एवं उनमें शक्ति की अद्वितीयता पाई जाती है। भक्त की प्रार्थना और मां का कृपालु चेहरा दर्शाता है कि संसार में कहीं भी सच्ची भक्ति और श्रद्धा से मां काली की उपासना करने से भक्तों को दु:खों से मुक्ति मिल सकती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन देवी दुर्गा और काली की महिमा का वर्णन करता है, जिनका उल्लेख कई पुराणों में पाया जाता है। देवी दुर्गा का लड़ाई में विजय पाने के लिए पूजा अर्चना का संदर्भ महाभारत और रामायण में मिलता है। मां काली का स्वरूप शक्ति का प्रतीक है और उनकी आराधना से भक्तों को शक्ति, साहस और संतुलन मिलता है। इस भजन का गायन भक्तों के लिए उनके जीवन की सभी कठिनाईयों का सामना करने में सहायक हो सकता है, जिससे वे संकट के समय मां काली की कृपा प्राप्त कर सकें।

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें। इस भजन के नियमित पाठ से भक्तों को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति, और जीवन की नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। मां काली का ध्यान करने से भक्तों को आत्मविश्वास, साहस और सही निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त होती है। यह भजन तनाव और चिंता को दूर करने के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का गायन सुबह के समय या रात में करना सबसे लाभदायक होता है। भक्तों को शुद्ध मन और एकाग्रता के साथ भजन का पाठ करना चाहिए। गायन से पूर्व एक दीप जलाना और देवी को फूल चढ़ाना उचित है। शांत स्थान पर बैठना चाहिए और अच्छे भाव के साथ भजन का पाठ करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

तोला दुर्गा कहंव के मां काली भजन का मुख्य संदेश क्या है?

यह भजन मां काली और दुर्गा की आराधना पर केंद्रित है जो भक्तों को शक्ति, साहस और इच्छाशक्ति प्रदान करती हैं।

क्या मां काली की पूजा का विशेष समय है?

मां काली की पूजा के लिए रात्रि का समय विशेष माना जाता है, तथा नवरात्रि के दिनों में उनकी आराधना विशेष फलदाई होती है।

भजन के पाठ से क्या लाभ होता है?

भजन का नियमित पाठ भक्तों को मानसिक शांति, आत्मविश्वास, और कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्रदान करता है।

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"काली माता की आराधना का भजन, भक्तों को शक्ति, साहस और मानसिक शांति प्रदान करता है। इसे श्रद्धा से गाएं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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