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खेले मसाने में होरी दिगम्बर होली लिरिक्स (Khele Masane Me Hori Digambar Lyrics in Hindi) - Holi geet

भगवान शिव की प्रसिद्ध होली 'खेले मसाने में होरी दिगम्बर' के लिरिक्स हिंदी में पढ़ें। काशी की इस अद्भुत मसान होली के गीत का आनंद लें और शिव भक्ति में लीन हों।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

प्रस्तावना एवं परिचय

खेले मसाने में होरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

भूत पिशाच बटोरी

भूत पिचाश बटोरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

खेले मसाने में होरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

लखि सुन्दर फागुनी छटा को 

मन से रंग गुलाल हटा दो

चिता भसम भरी झोली हो

चिता भसम भरी झोली

दिगम्बर खेले मसाने में होली

खेले मसाने में होली दिगम्बर खेले मसाने में होली

गोप न गोपी श्याम न राधा

ना कोई रोक ना कौनौ बाधा | ना साजन ना गोरी

 ना साजन ना गोरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

खेले मसाने में होरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

नाचत गावत डमरूधारी

छोड़े सर्प गणन पिचकारी

पी के प्रेत ढपोरी हो

पी के प्रेत ढपोरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

खेले मसाने में होली दिगम्बर खेले मसाने में होरी

भूतनाथ की मंगल होरी

देख सिहाई बिरज की छोरी

धन – धन नाथ अघोरी हो

धन – धन नाथ अघोरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

खेले मसाने होरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

खेले मसाने में होरी दिगम्बर खेले मसाने में होरी

खेले मसाने में होरी दिगम्बर होली लिरिक्स (Khele Masane Me Hori Digambar Lyrics in English) - 

masaane mein horee khele digambar masaane mein horee
bhoot pishaach sangrahee
bhoot pichaas ekatritee digambar khele masaane mein horee
masaane mein horee khele digambar masaane mein horee

laakhee sundar phaagunee chhata ko
man se rang gulaal hata do
chita bhasm bharee jholee ho
chita bhasm bharee jholee

digambar khele masaane mein holee
masaane mein holee khele digambar holee masaane mein khele
gop na gopee shyaam na raadha
na koee rok na kaun baadha | na saajan na goree

 na saajan na goree digambar khele masaane mein horee
masaane mein horee khele digambar masaane mein horee
naachat gaavat damaroodhaaree
chhoden sarp ganan pichakaaree

pee ke pret dhaporee ho
pee ke pret dhaporee digambar khele masaane mein horee
masaane mein holee digambar khele masaane mein horee
bhootanaath kee mangal horee

dekho sihai biraj kee chhoree
dhan-dhan naath aghoree ho
dhan-dhan naath aghoree digambar khele masaane mein horee
masaane mein horee, digambar khele masaane mein

masaane mein horee khele digambar masaane mein horee

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा शुभ मुहूर्त">दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "खेले मसाने में होरी दिगम्बर होली लिरिक्स (Khele Masane Me Hori Digambar Lyrics in Hindi) - Holi geet - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।
भजनों को गाने की सही विधि क्या है?भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 19 Oct 2026

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