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शनि मंत्र (Shani Mantra Lyrics in Hindi) - by Suresh Wadkar Shani Mantar - Bhaktilok

109 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्री शनिदेव का दिव्य मंत्र: शांति और समृद्धि की प्राप्ति

शनि मंत्र का उच्चारण करें, दुखों से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए।

 शनि मंत्र (Shani Mantra Lyrics in Hindi) - (toc) #title=(Table of Content)* मूल शनि मंत्र (Moola Shani Mantra Lyrics in Hindi) * ॐ सः शनैश्चराय नमः ॥1.महामंत्र (Maha Mantra Lyrics in Hindi) - नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।छायामार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।2. बीज मंत्र (Beej Mantra Lyrics in Hindi) - ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥3. गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra Lyrics in Hindi) -“ॐ  काकध्वजाय  विद्महे  खड्गहस्ताय  धीमहितन्नो मन्दः  प्रचोदयात”

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

शनि मंत्र की रचना विशेष रूप से शनिदेव की कृपा प्राप्ति के लिए की गई है। मूल मंत्र, "ॐ सः शनैश्चराय नमः" में 'ॐ' से ब्रह्म का आह्वान होता है, जो सम्पूर्ण सृष्टि का स्रोत है। इस मंत्र में " शनैश्चर" का उल्लेख शनिदेव के लिए किया गया है, जो न्याय और कर्म के देवता माने जाते हैं। इसके माध्यम से भक्ति की भावना को व्यक्त किया गया है, जिससे भक्त शनिदेव की शरण में जा सके। महामंत्र में कहा गया है, " नीलांजनसमाभासं", जो शनि देव के गहरे रंग और उनके दिव्य प्रकाश को दर्शाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से भक्त की आत्मा को शांति और खोई हुई ऊर्जा पुनः प्राप्त होती है।

यह मंत्र केवल एक पूजा विधि नहीं, बल्कि एक आंतरिक सफर है जिससे भक्त अपने मन के आतंक को दूर कर सकता है। "छायामार्तण्ड सम्भूतं" का अर्थ है, कि शनिदेव उन सभी लोगों का उद्धार करते हैं जिनका जीवन अंधकार में बीतता है। इस भक्ति में एक भावनात्मक गहराई है जो अंतर्निहित रुप से हमारी समस्त पीड़ा और दुःख को हरण करती है। भक्त जब इस मंत्र का जाप करता है, तो वह अपने संचित पापों से मुक्ति की भावना महसूस करता है, जिससे उसकी मानसिक शांति बढ़ती है।

शनि मंत्र भक्ति मार्ग की एक गहरी दृष्टि प्रदान करता है, जहाँ व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भोगने की तैयारी करनी होती है। "ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" बीज मंत्र का अर्थ है कि शनिदेव से भक्त की भक्ति भावनाएँ विशेष रूप से जुड़ी हैं। यहाँ पर ध्यान दीजिये कि शनि देव की भक्ति न केवल उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए है, बल्कि यह जीवन के दार्शनिक पहलुओं को समझने और अपने कर्मों का सही आस्वादन करने का माध्यम भी हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शनि देव का वर्णन भारतीय पुराणों, विशेषकर महाभारत और रामायण में मिलता है। शनि का नाम सुनते ही भक्तों में भय का अनुभव होता है, लेकिन उन्होंने न्याय का पालन करने का वचन दिया है। पुराणों के अनुसार, शनि देव कर्मों का फल देते हैं, इसलिए यह मंत्र सच्ची भक्ति का प्रतीक है, जो व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार सही मार्ग पर चलने का मार्गदर्शन करता है। यह मंत्र उन भक्तों के लिए है जो शांति और समृद्धि की खोज में हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। शनि मंत्र का जाप करने से मानसिक तनाव और चिंता में कमी आती है। यह मंत्र समृद्धि, समरस्ता और शनिदेव की कृपा को आकर्षित करने में सहायता करता है। इसके नियमित जाप से जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है और कठिनाईयों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

शनिष्टी सन्ध्या (सुबह-सुबह) या रात्रि के समय इस मंत्र का जाप करना अत्यंत प्रभावशाली होता है। साधक को चाहिए कि वह एक स्वच्छ स्थान पर बैठकर, पिछले मन को शांत कर, दीया या अगरबत्ती जलाए और ध्यान लगाएं। ईश्वर के प्रति श्रद्धा और भक्ति के साथ इस मंत्र का उच्चारण करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

शनि मंत्र का जाप कब करना चाहिए?

शनि मंत्र का जाप विशेष रूप से शनिवार के दिन करना लाभदायक माना जाता है। इसके साथ ही, सुबह या शाम के समय जब वातावरण शांत हो, तब इसका जाप करें।

क्या शनि मंत्र का जाप किसी विशेष संख्या में करना चाहिए?

जाप की परंपरा अनुसार, 108 बार या 21 बार मंत्र का जाप करना श्रेष्ठ होता है। इससे मन की एकाग्रता बढ़ती है।

क्या शनि मंत्र से सभी समस्याओं का समाधान होता है?

ये मंत्र विशेष रूप से शनिदेव से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हैं। यही नहीं, यह मानसिक शांति और आत्मिक ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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