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श्री लक्ष्मी के 108 नाम लिरिक्स (108 Mata Lakshmi Names Lyrics in Hindi) - लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रं - Bhaktilok

88 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

श्री लक्ष्मी के 108 नाम लिरिक्स (108 Mata Lakshmi Names Lyrics in Hindi) - 


ॐ प्रकृत्यै नमः ॥

ॐ विकृत्यै नमः ॥

ॐ विद्यायै नमः ॥

ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः ॥

ॐ श्रद्धायै नमः ॥

ॐ विभूत्यै नमः ॥

ॐ सुरभ्यै नमः ॥

ॐ परमात्मिकायै नमः ॥

ॐ वाचे नमः ॥

ॐ पद्मालयायै नमः ॥


ॐ पद्मायै नमः ॥

ॐ शुचये नमः ॥

ॐ स्वाहायै नमः ॥

ॐ स्वधायै नमः ॥

ॐ सुधायै नमः ॥

ॐ धन्यायै नमः ॥

ॐ हिरण्मय्यै नमः ॥

ॐ लक्ष्म्यै नमः ॥

ॐ नित्यपुष्टायै नमः ॥

ॐ विभावर्यै नमः ॥


ॐ अदित्यै नमः ॥

ॐ दित्ये नमः ॥

ॐ दीपायै नमः ॥

ॐ वसुधायै नमः ॥

ॐ वसुधारिण्यै नमः ॥

ॐ कमलायै नमः ॥

ॐ कान्तायै नमः ॥

ॐ कामाक्ष्यै नमः ॥

ॐ क्ष्रीरोधसंभवाम् नमः ॥

ॐ क्रोधसंभवायै नमः ॥ 30 ॥


ॐ अनुग्रहप्रदायै नमः ॥

ॐ बुद्धये नमः ॥

ॐ अनघायै नमः ॥

ॐ हरिवल्लभायै नमः ॥

ॐ अशोकायै नमः ॥

ॐ अमृतायै नमः ॥

ॐ दीप्तायै नमः ॥

ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः ॥

ॐ धर्मनिलयायै नमः ॥

ॐ करुणायै नमः ॥ 40 ॥


ॐ लोकमात्रे नमः ॥

ॐ पद्मप्रियायै नमः ॥

ॐ पद्महस्तायै नमः ॥

ॐ पद्माक्ष्यै नमः ॥

ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः ॥

ॐ पद्मोद्भवायै नमः ॥

ॐ पद्ममुख्यै नमः ॥

ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः ॥

ॐ रमायै नमः ॥

ॐ पद्ममालाधरायै नमः ॥


ॐ देव्यै नमः ॥

ॐ पद्मिन्यै नमः ॥

ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः ॥

ॐ पुण्यगन्धायै नमः ॥

ॐ सुप्रसन्नायै नमः ॥

ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः ॥

ॐ प्रभायै नमः ॥

ॐ चन्द्रवदनायै नमः ॥

ॐ चन्द्रायै नमः ॥

ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः ॥


ॐ चतुर्भुजायै नमः ॥

ॐ चन्द्ररूपायै नमः ॥

ॐ इन्दिरायै नमः ॥

ॐ इन्दुशीतलायै नमः ॥

ॐ आह्लादजनन्यै नमः ॥

ॐ पुष्टयै नमः ॥

ॐ शिवायै नमः ॥

ॐ शिवकर्यै नमः ॥

ॐ सत्यै नमः ॥

ॐ विमलायै नमः ॥


ॐ विश्वजनन्यै नमः ॥

ॐ तुष्टयै नमः ॥

ॐ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः ॥

ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः ॥

ॐ शान्तायै नमः ॥

ॐ शुक्लमाल्यांबरायै नमः ॥

ॐ श्रियै नमः ॥

ॐ भास्कर्यै नमः ॥

ॐ बिल्वनिलयायै नमः ॥

ॐ वरारोहायै नमः ॥


ॐ यशस्विन्यै नमः ॥

ॐ वसुन्धरायै नमः ॥

ॐ उदारांगायै नमः ॥

ॐ हरिण्यै नमः ॥

ॐ हेममालिन्यै नमः ॥

ॐ धनधान्यकर्ये नमः ॥

ॐ सिद्धये नमः ॥

ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः ॥

ॐ शुभप्रदाये नमः ॥

ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः ॥


ॐ वरलक्ष्म्यै नमः ॥

ॐ वसुप्रदायै नमः ॥

ॐ शुभायै नमः ॥

ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः ॥

ॐ समुद्रतनयायै नमः ॥

ॐ जयायै नमः ॥

ॐ मंगळा देव्यै नमः ॥

ॐ विष्णुवक्षस्स्थलस्थितायै नमः ॥

ॐ विष्णुपत्न्यै नमः ॥

ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः ॥


ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः ॥

ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः ॥

ॐ देव्यै नमः ॥

ॐ सर्वोपद्रव वारिण्यै नमः ॥

ॐ नवदुर्गायै नमः ॥

ॐ महाकाल्यै नमः ॥

ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः ॥

ॐ त्रिकालज्ञानसंपन्नायै नमः ॥

ॐ भुवनेश्वर्यै नमः ॥


मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

आदिशक्ति माता दुर्गा, महालक्ष्मी और महासरस्वती को समर्पित यह भजन "श्री लक्ष्मी के 108 नाम लिरिक्स (108 Mata Lakshmi Names Lyrics in Hindi) - लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रं - Bhaktilok" जगत जननी की कृपा और महिमा का गान करता है। सनातन परंपरा में स्त्री शक्ति को सृष्टि का आदि कारण माना गया है। इस भजन की एक-एक पंक्ति माता के ममतामयी और दुष्टनाशिनी रूप का वर्णन करती है।

भजन का मूल स्वर माता के प्रति समर्पण का है। जब भक्त माता के चरणों में प्रणाम कर अपनी प्रार्थना रखता है, तो देवी मां उसके समस्त कष्टों को हर लेती हैं। यह भजन साधक के भीतर शक्ति, करुणा, तेज और पवित्रता का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

देवीभागवत पुराण के अनुसार, माता की उपासना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की सिद्धि होती है। विशेषकर नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के भजनों का संकीर्तन करने से घर में रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि का वास होता है।

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें। देवी भजनों के संकीर्तन से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, दरिद्रता का नाश होता है और व्यापार तथा नौकरी में उन्नति के द्वार खुलते हैं। यह जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा का अनुभव कराता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

माता की पूजा के लिए शुक्रवार, अष्टमी तिथि और नवरात्रि का काल सर्वोत्तम है। पूजा स्थान पर लाल फूल, धूप-दीप अर्पित कर मां के सामने घी का अखण्ड ज्योत जलाएं और भक्तिभाव से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मां दुर्गा के भजनों का संकीर्तन विशेष रूप से कब करना चाहिए?

यद्यपि नियमित संकीर्तन उत्तम है, किन्तु शुक्रवार के दिन और शारदीय व चैत्र नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के भजन असीम सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।

देवी पूजा में किस रंग के वस्त्रों का उपयोग करना शुभ माना जाता है?

माता दुर्गा और शक्ति स्वरूपा देवी पूजा में लाल, पीले अथवा नारंगी (भगवा) रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना गया है।

क्या देवी उपासना से व्यापारिक बाधाएं दूर होती हैं?

हाँ, मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की कृपा से व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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