kirtan सोमवार विशेष (महादेव शिव व चंद्र देव)

आज मईया का किर्तन हमारे अंगना भजन इन हिंदी लिरिक्स

माता का यह भजन समर्पण, भक्ति और समृद्धि का प्रतीक है, जिससे जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति होती है।

प्रस्तावना एवं परिचय

माता का दिव्य गुणगान: भक्तों का संगम

माता की कृपा से जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

आज मईया का किर्तन हमारे अंगना भजन इन हिंदी लिरिक्सआज मईया का किर्तन हमारे अंगना हमारे अंगना हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना सुन किर्तन को गणपति आये गणपति आये संग रिद्धि सिद्धि लाये आज लंगर बटेगा हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना सुन किर्तन को ब्रम्हाजी आये ब्रम्हाजी आये संग में सरस्वती को लाये आज वेद पढेंगे हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना सुन किर्तन को विष्णुजी आये विष्णुजी आये संग में लक्ष्मीजी को लाये आज धन बरसेगा हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना सुन किर्तन को शिवजी आये शिवजी आये संग में गौराजी को लाये आज डमरू बजेगा हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना सुन किर्तन को कान्हाजी आये कान्हाजी आये संग में राधाजी जी को लाये आज मुरली बजेगी हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना सुन किर्तन को भगत भी आये भगत भी आये संग में ढोलक चिमटा लाये आज रंग बरसेगा हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना आज मईया का किर्तन हमारे अंगना !!
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में 'आज मईया का किर्तन हमारे अंगना' गीत की धुन पर, श्रद्धालु अपने घर में देवी माँ की आराधना कर रहे हैं। भजन के प्रारंभ में ही माता के स्वागत का संदर्भ है जिसमें भक्त गणेश जी का, जो रिद्धि-सिद्धि के दाता माने जाते हैं, एवं ब्रह्मा जी का स्वागत कर रहे हैं। ऐसे दृश्यों से स्पष्ट होता है कि जब माँ का कीर्तन होता है, तब सभी देवताओं का दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होता है। जैसा कि 'संग रिद्धि सिद्धि लाये' और 'आज लंगर बटेगा हमारे अंगना' पंक्तियों से प्रतीत होता है, यहाँ भक्ति के माध्यम से सामुदायिक एकता तथा पारिवारिक सद्भावना का भी संदेश है।

भजन में प्रत्येक देवता का संदर्भ भक्तों के लिए विशेष आनंद का स्रोत है। जिस प्रकार 'सुन किर्तन को विष्णु जी आये' और 'संग में लक्ष्मी जी को लाये' पंक्तियों में धन-संपत्ति एवं समृद्धि का आश्वासन दिया गया है, इससे भक्तों को जीवन में सकारात्मकता और भक्ति का अनुभव होता है। जब भक्त मिलकर एकजुट होकर देवी माँ का ध्यान करते हैं, तो उनके हृदय में आध्यात्मिक उत्साह और ऊर्जा की एक लहर दौड़ती है। 'रंग बरसेगा हमारे अंगना' इस पंक्ति से भक्ति की उल्लासमय स्थिति का आभास होता है, जहाँ भक्त सजधजकर सेवा में लगते हैं।

इस भजन के माध्यम से भक्तिपथ का अनुसरण करने का महत्व प्रतिपादित होता है। भक्ति मार्ग पर चलकर मानव जीवन में निर्मलता एवं दिव्यता का संचार होता है। यहाँ देवी माँ का नाम लेकर सभी देवताओं का भी स्वागत किया गया है, जो यह दिखाता है कि भक्ति में एकता का भाव होना आवश्यक है। यह भावना न सिर्फ शरीर बल्कि आत्मा की शुद्धि में सहायक होती है, जिससे भक्त के जीवन में आध्यात्मिक विकास संभव हो पाता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस प्रकार के भजनों की प्रमुखता तात्कालिक धार्मिक क्रियाकलापों में होती है, जहाँ भक्त समुदाय मिलकर देवी-माँ की आराधना करते हैं। यह पंक्तियाँ गीता एवं उपनिषदों में बताई गई अद्वितीयता और एकत्व का आयाम प्रस्तुत करती हैं। जहाँ 'धर्म' का पालन करते हुए विशिष्ट देवताओं का स्वागत किया गया है, यह जैन और हिंदू परंपराओं में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस प्रकार भक्तों की एकता और उनके अंदर भक्ति का भाव प्रस्फुटित होता है, जो कि समाज के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित पाठ ना सिर्फ मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि इसे सुनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। भक्त जब संग में इसे गाते हैं, तब आनंद और उत्साह की लहरें पैदा होती हैं, जो संपूर्ण परिवार को एकजुट करती हैं। इससे भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह या शाम के समय करना विशेष फलदायक होता है। पूजा करते समय दीप जलाना, माता को फूल और मिठाई अर्पित करना, एवं श्रद्धा पूर्वक ध्यान करना चाहिए। सही मुद्रा में बैठकर मन को एकाग्र करके ही इस भजन का उच्चारण करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन को गाने से क्या लाभ होता है?

इस भजन को गाने से मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

क्या इस भजन का कोई विशेष समय है?

इस भजन का पाठ सुबह या शाम के समय विशेष फलदायक होता है, जिससे सच्चे मन से देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

क्या भजन में सभी देवताओं का नाम महत्वपूर्ण है?

हाँ, भजन में सभी देवताओं का नाम लेने से भक्तों को एकता का अनुभव होता है और सर्वशक्तिमान की कृपा का आश्वासन मिलता है।

श्रेणियां: kirtan Gurbani Kirtan hari Kirtan

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 19 Oct 2026

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