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चलs देवघर नगरी ( Chal Devghar Nagari Lyrics in Hindi ) - kajal Kumari Bolbam Bhojpuri Bhakti Song - BhaktiLok

50 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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देवघर नगरी की आराधना: महादेव की कृपा प्राप्ति

महादेव की धुन में डूबकर देवघर नगरी की ओर चलें, आशीर्वाद और शांति पाएं।

चलs देवघर नगरी, आसीस लेके चलs। बोल बम-बोल बम, या सजे तकदीर दे। छलके बम बम, बाबा की कृपा से सब होगा। चलs देवघर नगरी, आसीस लेके चलs। राम नाम की माला, जपते हैं सच्चे मन से। बोल बम-बोल बम, बाबा की कृपा करना। हर हर महादेव, जय बाबा भोलेनाथ। चलs देवघर नगरी, आसीस लेके चलs। गंगा जल से नहाकर, सेदे शुद्ध होकर। बोल बम-बोल बम, बाबा की भक्ति से सब होगा। चलs देवघर नगरी, आसीस लेके चलs। हर हर महादेव, जय बाबा भोलेनाथ। चलs देवघर नगरी, आसीस लेके चलs।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य उद्देश्य भक्तों को बाबा भोलेनाथ की आराधना के लिए प्रेरित करना है। इसमें भक्त देवघर नगरी, जो कि स्थित है बाबा बैद्यनाथ के मंदिर में, जाने के लिए उत्साहित हैं। शब्द 'चलs' का प्रयोग कर भक्त अपनी आस्था और यात्रा के संकल्प को दृढ़ता से व्यक्त कर रहे हैं। वे मानते हैं कि बाबा की कृपा से उन्हें जीवन में कल्याण और सुख-शांति प्राप्त होगी। भजन की शुरुआत में 'आसीस लेके चलs' का आशय साधक के मन में बाबा की कृपा का आश्वासन है। यह दर्शाता है कि भक्त जो भी मनोकामना बाबा से करेंगे, वह सारी फलीभूत होगी।

भजन में भक्त की भक्ति और श्रद्धा की गहराई स्पष्ट है। यह ना केवल विश्वास का प्रतीक है, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी उच्चतम भावनाओं का समावेश भी इसमें है। इस प्रणाम में भक्त अत्यंत श्रद्धा भाव से कहते हैं 'बोल बम-बोल बम', जो सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की महिमा को गाते हैं। 'हर हर महादेव' का जाप भाव के साथ कर्तव्य और निस्वार्थ प्रेम का संकेत करता है। यहाँ भक्त का मन साफ और शुद्ध होने की भावना भी दृष्टिगोचर होती है, जो गंगा जल से स्नान के संदर्भ में आपने ग्राह्य किया।

इस भजन में भक्ति मार्ग के प्रमुख तत्वों पर प्रकाश डाला गया है। भक्ति मार्ग आध्यात्मिकता का एक मार्ग है, जहां सच्चे मन से किया गया भजन ही मोक्ष की ओर ले जाता है। 'गंगा जल से नहाकर' का अर्थ है कि भक्त को अपने पापों से मुक्त होकर शुद्ध भाव से पूजा करनी चाहिए। इसी शुद्धता के साथ वे बाबा की भक्ति में लीन होते हैं। भगवान शिव के प्रति अर्पित यह भजन भक्तों को सिखाता है कि भक्ति में सरलता और भक्ति की साधना में निरंतरता होनी चाहिए।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

ज्यादातर भक्तों के लिए देवघर नगरी का महत्व अत्यधिक है। यह स्थान शिव की उपासना और उनकी कृपा का केंद्र है, जो कि धार्मिक ग्रंथों में भी वर्णित है। महाभारत और पुराणों में शिव की उपासना के महत्व को समझाया गया है। ऐसे कई प्रसंग हैं जिनमें भक्तों ने गहरी आस्था के द्वारा शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह भजन भक्तों के लिए एक साधन है जिससे वे अपनी श्रद्धा को व्यक्त कर सकते हैं और शिव के प्रति अपनी भक्ति को नये सिरे से नवीनीकरण कर सकते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का या उसके जप का नियमित अभ्यास करने से मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और आत्मिक उत्थान प्राप्त होता है। शिव की भक्ति से पापों का नाश होता है और भक्तों को शक्ति, साहस और संजीवनी मिलती है। इसके अतिरिक्त, यह भजन नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक वातावरण का निर्माण करता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन को सबसे अच्छा सुबह या संध्या के समय गाया जाता है, जब मन शांत और ध्यानस्थ होता है। दीया जलाना, फूलों की माला चढ़ाना और पवित्र जल से स्नान करने से भक्त का मन स्वच्छ और प्रसन्न होता है। संतान सुख की प्रार्थना करते समय इसे विशेष रूप से अर्चना के समय गाया जाता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस भजन का मुख्य उद्देश्य भक्तों को बाबा भोलेनाथ की आराधना में प्रेरित करना और देवघर नगरी जैसे पवित्र स्थान की ओर मार्गदर्शन करना है।

क्या इस भजन का नियमित पाठ करना आवश्यक है?

हाँ, इस भजन का नियमित पाठ करने से मानसिक शांति, आत्मिक संतोष और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।

भजन सुनने का सही समय क्या है?

इस भजन को सुबह के समय गाने से मन की शांति मिलती है, जबकि संध्या को अंत में कृष्णा या शिव की पूजा के बाद गाया जाए तो विशेष लाभ होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 01 Sep 2026

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