आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
Shri Hanuman Bhajan

Dil Chori Sada Ho Gaya Shri Mehandipur Mandir Mein Lyrics (Hanuman Bhajan) – दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में

180 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
आकार:
कंट्रास्ट:

🙏 दिल चोरी साडा हो गया – श्री मेहंदीपुर मंदिर में

(Dil Chori Sada Ho Gaya Shri Mehandipur Mandir Mein) – Hanuman Bhajan 2026

ॠ ठा. प्रकाश सिंह चौहान कृत ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: ठा. प्रकाश सिंह चौहान
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन
📍 स्थान: मेहंदीपुर / उत्तरमुखी बालाजी

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में,
और मैं भी दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
मुस्काये जो सरकार
हो गया इक पल में ही प्यार,
अब मैं इस से ज्यादा क्या कहु,
जन्मो का रिश्ता होगया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा १ ॥

जादू टोना कर देता ऐसा है ये जादूगर,
विश्वाश नहीं है मेरा तो आकार देखो उत्तरमुखी
सारा जग पीछे हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा २ ॥

छोटा सा है ये मंदिर सब कुछ है इसके अंदर,
जो हार के दर पे आता वो बन जाता है सिकंदर,
निर्धन भी राजा हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा ३ ॥

सेठो का सेठ कहाता दोनों हाथो से लुटाता,
जो सच्चे मन से आता जीवन भर मौज उड़ाता,
मन चाहा पूरा हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा ४ ॥

प्रकाश हुआ मत वाला तूने ऐसा जादू कर डाला,
सारी दुनिया से बढकर लगता है मेहंदीपुर वाला,
तेरा जग ये दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

✍️ लेखक :- ठा. प्रकाश सिंह चौहान

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन मेहंदीपुर बालाजी और उत्तरमुखी बालाजी के प्रति भक्त की अटूट श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है। "दिल चोरी साडा हो गया" – भक्त कहता है कि बालाजी ने उसका दिल चुरा लिया और वह उनका दीवाना हो गया। बालाजी को "जादूगर" कहा गया है जो अपने भक्तों पर ऐसा जादू करते हैं कि सारा जग पीछे छूट जाता है।

मंदिर की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया है कि यह छोटा सा मंदिर सब कुछ समेटे हुए है। जो भी हार कर यहाँ आता है, वह सिकंदर (विजेता) बन जाता है। निर्धन भी यहाँ आकर राजा बन जाता है। बालाजी को "सेठो का सेठ" कहा गया है जो दोनों हाथों से लुटाते हैं – अर्थात अपने भक्तों पर अपार कृपा बरसाते हैं। जो सच्चे मन से आता है, वह जीवन भर मौज उड़ाता है और उसकी सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।

अंत में लेखक प्रकाश सिंह चौहान जी कहते हैं कि मेहंदीपुर वाला बालाजी सारी दुनिया से बढ़कर है और उनका यह जग (संसार) भी उन्हीं पर दीवाना हो गया है।

📍 मेहंदीपुर बालाजी और उत्तरमुखी मंदिर

श्री मेहंदीपुर बालाजी: राजस्थान के दौसा जिले में स्थित यह प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है। यहाँ बालाजी (हनुमान जी) की अपूर्व महिमा है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ बालाजी भूत-प्रेत, टोना-टोटका जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाते हैं।

श्री उत्तरमुखी बालाजी: यह भी एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है जहाँ बालाजी की मूर्ति उत्तर दिशा की ओर मुख किए हुए है। ऐसी मूर्तियाँ दुर्लभ होती हैं और इनका विशेष महत्व माना जाता है।

इन दोनों मंदिरों में भक्तों की गहरी आस्था है और यह भजन इसी आस्था को व्यक्त करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

💖 भक्ति रस का संगम

यह भजन प्रेम, दीवानगी और अलौकिक अनुभवों का सुंदर संगम है। भक्त का दिल चोरी होना और बालाजी के प्रति जन्मों का रिश्ता महसूस करना गहरी आध्यात्मिक अनुभूति को दर्शाता है।

✨ चमत्कार और आस्था

बालाजी को जादूगर कहकर उनके चमत्कारों और अपने भक्तों पर होने वाली असीम कृपा को रेखांकित किया गया है। हारे हुए का सिकंदर बनना बालाजी के दर की महिमा को दर्शाता है।

🎯 संदेश : सच्चे मन और श्रद्धा से बालाजी के दर पर आने वाला भक्त कभी खाली नहीं जाता। चाहे वह निर्धन हो या हारा हुआ, बालाजी उसे राजा और सिकंदर बना देते हैं। उनकी कृपा से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

ॐ हनुमते नमः ॥ इति मेहंदीपुरभजनम् ॥
॥ श्री बालाजी जय बालाजी जय जय बालाजी ॥

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा विभिन्न धर्मग्रंथों, वैदिक संहिताओं और प्रामाणिक गायक प्रस्तुतियों के आधार पर समीक्षित एवं शुद्धीकृत किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!

एआई आध्यात्मिक मार्गदर्शक (AI Guru)

वत्स! मैं भक्तिलोक का डिजिटल आध्यात्मिक सहायक हूँ। सनातन धर्म, ध्यान साधना, या प्रमुख मंदिर यात्राओं के संबंध में कोई भी जिज्ञासा व्यक्त करें। अभी
ध्यान के लाभ? चार धाम? आज का पंचांग?