Maha Shivaratri सोमवार विशेष (महादेव शिव व चंद्र देव)

मुझे दुनिया की परवाह नहीं लिरिक्स (Mujhe Duniya Ki Parvah Nahi Lyrics in Hindi) - by Shivam Sukhija Khatu Shyam Bhajan

शिवम सुखिजा द्वारा गाए प्रसिद्ध खाटू श्याम भजन 'मुझे दुनिया की परवाह नहीं' के संपूर्ण लिरिक्स, अर्थ और भावार्थ हिंदी में पढ़ें। भक्तिमय अनुभव के लिए यहाँ आएं।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

मुझे दुनिया की परवाह नहीं लिरिक्स (Mujhe Duniya Ki Parvah Nahi Lyrics in Hindi) - 

मुझे दुनिया की परवाह नहीं 
मेरा सांवरिया से नाता है 
मेरा सांवरिया से नाता है 
दुनिया तो सारी मतलब की 

यहाँ कौन किसी का होता है 
मुझे दुनिया क�
.
अब श्याम सहारा तेरा है 

तेरे दर से गुज़ारा मेरा है 
तू तो मेरा है, हाय तू तो मेरा है 
अब जीवन के हर सुख दुःख में 
मेरे काम श्याम ही आता है 

मुझे दुनिया क�
. 
दर दर पे भटकना छोड़ दिया 
झूठी दुनिया से मुख को मोड़ लिया 

अब छोड़ दिया हो मुख मोड़ लिया 
फीके दुनिया के रंग सभी 
मने श्याम रंग ही भाता है 
मुझे दुनिया क�

.
अब चिंता नहीं कुछ करने की 
ना जीने की ना मरने की 
ना मरने की ना कुछ करने की 

करता तो सब है सांवरिया 
बस नाम मेरा हो जाता है 
मुझे दुनिया क�
.

क्या कमी है अब तुम साथ मेरे 
किसी और की क्या दरकार मुझे 
हाय अब साथ मेरे, तुम साथ मेरे 
तेरी रेहमत से जिन्नी तेरा 

अब जग में मौज्ज उड़ाता है 
मुझे दुनिया क�
.
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।

मुझे दुनिया की परवाह नहीं लिरिक्स (Mujhe Duniya Ki Parvah Nahi Lyrics in English) - Mujhe Duniya KI Parwah Nahi 
Mera Sanwariya Se Naata Hai
Mera Sanwariya Se Naata Hai
Duniya To SAari Matlab Ki

Yahan Kaun Kisi Ka Hota Hai
Mujhe Duniya Ki
.
Ab Shyam Sahara Tera Hai

Tere Dar Se Guzara Mera Hai
Tu Mera Hai, Haay Tu Mera Hai
Ab Jeevan Ke Har Sukh Dukh Mein 
Mera Kaam Shyam Hi Aata Hai

Mujhe Duniya Ki
.
Dar Dar Pe Bhatakna Chhod Diya
Jhoothi Duniya Se Mukh Ko Mod Liya

Ab Chhod Diya Ho Mukh Mod Liya
Pheeke Duniya Ke Rang Sabhi
Mane Shyam Rang Hi Bhaata Hai
Mujhe Duniya Ki

.
Ab Chinta Nahi Kuch Karne Ki
Na Jeene Ki Na Marne Ki
Na Marne Ki, Na Kuch Karne Ki

Karta To Sab Hai Sanwariya
Bas Naam Mera Ho Jata Hai
Mujhe Duniya Ki
.

Kya Kami Hai Ab Tum Saath Mere
Kisi Aur Ki Kya Darkaar Mujhe
Haay Ab Saath M ere, Tum Saath Mere
Teri Rehmat Se Jinni Tera

Ab Jag Mein Mauj Udaata Hai
Mujhe Duniya Ki
.
 *** Singer: Shivam Sukhija


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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "मुझे दुनिया की परवाह नहीं लिरिक्स (Mujhe Duniya Ki Parvah Nahi Lyrics in Hindi) - by Shivam Sukhija Khatu Shyam Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।
शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।
�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 18 Oct 2026

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