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सुदर्शन महा मंत्रम (Sudarshana Maha Mantram Lyrics in Hindi) - Sudarshana Maha Mantra - Bhaktilok

92 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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सुदर्शन महा मंत्र: स्वास्थ्य और शांति का मार्ग

सुदर्शन महा मंत्र का जाप करने से भक्तों को शांति और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

ॐ श्रीं ह्रियो क्लियो कृष्णाय गोविंदाय गोपीजना वल्लभाय पराय परम पुरुषाय परमात्मने पर कर्म मंत्र यंत्र तंत्र औषध विष अभिचार अस्त्र शास्त्र संहार संहार मृत्योर मोचय मोचय ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनायॐ प्रोम रीं रंदिप्त्रे ज्वाला परित्याय सर्व दीक्षाभनकाराय हुं फट् परमं ब्रह्मणे परमं ज्योतिषे स्वाहा |ॐ नमो भगवते सुदर्शनाय |ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय ||महा चक्राय महा ज्वालाया सर्व रोग प्रशमनय कर्म बंध विमोचनाय पदाधिमस्त्यपर्यन्तं वात जनिता रोगन पीठ जनिता रोगन मुचलस जनिता रोगन धातुसांगली गोद्भव नाना विकार रोगन नासय प्रसामय प्रसमय स्वास्थ्य देहि देहि ॐ सहस्रार हुं फट् स्वाहा ||सुदर्शन महा मंत्र (Sudarshana Maha Mantram Lyrics in Hindi) -ॐ श्रीं ह्रीं क्लींकृष्णाय गोविंदायगोपीजन वल्लभायपरया परम पुरुषाय परमात्मनेपरा कर्म मंथत्र यन्त्र तंत्रऔषध अस्त्र शस्त्राणिसंहारा संहारा मृतियुर मोचया मोचायआयुर् वर्धय वर्धय शत्रु नाशय नाशयॐ नमो भगवतेमहासुदर्शनयादीपथ्रे ज्वाला परेथयासर्व दिग्क्षोभनकारयेहम फट पारा ब्रह्मणेयपरमं ज्योतिषे स्वाहा

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

सुदर्शन महा मंत्र का अत्यधिक गूढ़ अर्थ है, जिसमें श्रद्धा और शक्ति दोनों का समावेश है। यह मंत्र भगवान श्री कृष्ण का अभिवादन करता है, जिन्हें गोविंद और गोपीजनों के वल्लभ के रूप में पहचाना जाता है। इस मंत्र में 'ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय' के जाप से भक्त भगवान सुदर्शन चक्र की कृपा चाहते हैं, जो सभी प्रकार के संकट और रोगों से रक्षा करती है। यहाँ 'पर कर्म मंत्र यंत्र तंत्र' जैसे शब्द यह दर्शाते हैं कि यह मंत्र न केवल साधना के लिए, बल्कि हर प्रकार के कर्मांतर के लिए भी अतीव महत्वपूर्ण है। यह मंत्र शत्रुओं और समस्याओं से छुटकारा पाने और सभी प्रकार के संकटों को दूर करने का आश्वासन देता है।

इस मंत्र की भावार्थ की गहराई में जाने पर पता चलता है कि यह सिर्फ एक शक्ति का आह्वान नहीं है, बल्कि यह अत्यंत आंतरिक शांति की अनुभूति कराने वाला साधन भी है। 'वात जनिता रोगन, धातुसांगली गोद्भव नाना विकार' की सूक्ष्मता से यह स्पष्ट होता है कि यह विभिन्न रोगों और विकारों का नाश कर स्वास्थ्य की सुरक्षा करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। ये पंक्तियाँ केवल शारीरिक स्वास्थ्य को नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी आधार प्रदान करती हैं, जिससे भक्त अपनी आंतरिक शांति की खोज में आगे बढ़ते हैं।

इस मंत्र का theological और philosophical अर्थ भी उतना ही गहन है। यह भक्तिभाव का संचार करता है और सच्चे भक्तों को भाग्य, कर्म और ब्रह्मात्मा से जोड़ता है। 'परमात्मने' और 'महर्षि कृष्णाय' का उल्लेख यह बताता है कि ईश्वर की उपासना करने से मनुष्य अपने अंतःकरण को शुद्ध करता है और आत्मा के परम सत्य को पाता है। यह भक्तों को भक्ति मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है, जहाँ श्रद्धा और विश्वास का संगम होता है। यहां भक्ति का पाठ केवल किया नहीं जाता, अपितु इसे गहराई से अनुभव किया जाता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सुदर्शन महा मंत्र का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है, जहाँ यह बताया गया है कि भगवान विष्णु ने अपने भक्तों की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र को न केवल एक अस्त्र के रूप में, बल्कि सब प्रकार के संकटों से बचाव करने वाले तत्व के रूप में स्वीकार किया है। महाभारत और भागवतमहापुराण में सुदर्शन चक्र की शक्ति और महत्व को बताया गया है, जो इसे अत्यधिक महत्वपूर्ण बनाता है। इस मंत्र का जाप अनेक भक्तों द्वारा किया जाता है, जो इसे अपने जीवन में सुरक्षा और समृद्धि के लिए आवश्यक मानते हैं।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। सुदर्शन महा मंत्र का नियमित जाप मानसिक शांति, ऊर्जा, और सकारात्मकता के लिए अत्यधिक लाभदायक होता है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि मानसिक विकारों से भी मुक्ति दिलाता है। आत्मिक स्तर पर इसे समर्पण से जापने से साधक की आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है, जिससे वह अपने जीवन के विभिन्न संघर्षों का सामना कर सकता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

सुदर्शन महा मंत्र का जाप सुबह की शांति के समय करना सर्वोत्तम बताया जाता है। यह समय ध्यान और प्रार्थना के लिए अनुकूल होता है। जाप करते समय एक साफ और स्वच्छ स्थान पर बैठें, एक दीप जलाएं और श्री कृष्ण के चित्र के सामने बैठें। शांत मन से इस मंत्र का जाप करें, ध्यान लगाएं और अपने हृदय में प्रेम और श्रद्धा का संचार करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सुदर्शन महा मंत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सुदर्शन महा मंत्र का मुख्य उद्देश्य भगवान सुदर्शन के माध्यम से सभी प्रकार के संकटों और रोगों से मुक्ति प्राप्त करना है। यह मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को संतुलित करने में सहायक है।

इस मंत्र का जाप कब करना चाहिए?

इस मंत्र का जाप सुबह के समय सूर्योदय से पहले या शाम को सूर्यास्त के बाद करना चाहिए। यह समय ध्यान और साधना के लिए अनुकूल माना जाता है।

क्या सुदर्शन महा मंत्र का जाप सिर्फ बीमारी के लिए ही करना चाहिए?

नहीं, इस मंत्र का जाप बीमारी से अधिक जीवन की सभी कठिनाइयों, शत्रुओं और समस्याओं से निपटने के लिए करना चाहिए। यह समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सहायक है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 20 Aug 2026

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