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श्री अयप्पा सरनु घोष (108 Ayyappa Saranu Gosha Lyrics in Hindi ) - AYYAPPA SHARANU GOSHA - Bhaktilok

87 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

श्री अयप्पा सरनु घोष (108 Ayyappa Saranu Gosha Lyrics in Hindi) - 


ॐ स्वामीये शरणं अयश्प्पा

हरिहर सुतने शरणं अय्यप्पा

अम्बा सुतने शरणं अय्यप्पा

अर्थ परायणेन शरणं अय्यप्पा

शरणम अय्यप्पा अनाथों के संरक्षक हैं

शरणम अयप्पा भक्त हैं

शरणम अय्यप्पा को साज-सज्जा का शौक है

अर्थविनाशा शरणं अय्यप्पा

अखिलधरणे शरणं अय्यप्पा || 9 ||


शरणम अयप्पा खतरनाक हैं

आश्रितवत्सलाने शरणं अय्यप्पा

अच्चन वेल अरसे शरणम अयप्पा

अन्नदाना प्रभुवे शरणं अय्यप्पा

वनपाल शरणम अयप्पा

शरणम अय्यप्पा एक आपराधिक रक्षक हैं

अलुदानदिये शरणम अयप्पा

महिषी मर्दानाने शरणम अय्यप्पा

मयासुतने शरणं अय्यप्पा || 18 ||


मकरज्योतिये शरणं अय्यप्पा

महेश्वर सुतने शरणं अय्यप्पा

शरणम अय्यप्पा कपूर प्रेमी हैं

करिमाले वसाने शरणम अयप्पा

कारी स्वामी शरणं अय्यप्पा

शरणम अय्यप कुंबाला हल्ला हैं

शरणम अय्यप्पा कर्मबन्ध के मुक्तिदाता हैं

चन्द्रकलाधरणे शरणं अय्यप्पा

चिन्मय रूपेण शरणं अयप्पा || 27 ||


पंपनदिये शरणं अय्यप्पा

पंपदीपवे शरणं अय्यप्पा

पांडालराजने शरणं अय्यप्पा

शरणम अयप्पा परमेश्वर के पुत्र थे

शरणम अय्यप्पा पवन के आदर्श हैं

शरणम अय्यप्पा भक्तों के प्रिय हैं

भूलोकवसने शरणं अय्यप्पा

भक्तरदासने शरणं अय्यप्पा

भूतगणनायके शरणं अय्यप्पा || 36 ||


आनंदचित्तने शरणं अय्यप्पा

अरियामगलावि अय्यने शरणं अय्यप्पा

शरणम अय्यप्पा एक अमूल्य खजाना हैं

शरणम अयप्पा एक वन रक्षक हैं

शरणम अयप्पा अमर नेता हैं

शरणम अयप्पा अलुदा नदी के प्रमुख हैं

शरणम अय्यप्पा ड्रग कार हैं

शरणम अय्यप्पा प्रेम के विनाशक हैं

शरणम अय्यप्पा मनुष्य के रक्षक हैं || 45 ||


शरणम अय्यप्पा मुक्ति के मुक्तिदाता हैं

मानव जीवितेन शरणं अय्यप्पा

करुणासागरणे शरणं अय्यप्पा

करिमालेवासने शरणं अय्यप्पा

करुणा ज्योतिये शरणम अय्यप्पा

कलाकत्ती आश्रम शरणम अयप्पा है

शरणम अयप्पा कलियुग के भगवान हैं

चन्द्रार्चितेन शरणं अय्यप्पा

चित्ररूपणे शरणं अय्यप्पा || 54 ||


शरणम अयप्पा पम्पाशिशु हैं

पम्पा बाणवे शरणम अय्यप्पा

पोन्नमभालावासने शरणम अयप्पा

शरणम अयप्पा पापों का नाश करने वाले हैं

पम्पा नदी शरणम अयप्पा है

शरणम अयप्पा भस्म विभूषित हैं

शरणम अय्यप्पा ही संसार हैं

शरणम अय्यप्पा मारक हैं

शरणम अय्यप्पा भक्तों के रक्षक हैं 63 ||


शास्तानाम अयप्पा पहाड़ी पर शास्ता हैं

दुख: शरणम अय्यप्पा विध्वंसक हैं

दीनदयापराणे शरणं अय्यप्पा

धनुर् वीरणे शरणं अय्यप्पा

ववरा स्वामी शरणं अय्यप्पा

प्रभु शरणम अय्यप्पा

वेदांत मकरंदने शरणं अय्यप्पा

शरणम अय्यप्पा तुप्पदाभिषेक के प्रेमी हैं

जटाधरने शरणं अय्यप्पा || 72 ||


शबरीपीठवे शरणं अय्यप्पा

शरणगुट्टी आले शरणम अयप्पा

शंकर सुतने शरणं अय्यप्पा

शरणम अयप्पा स्वामी का मंदिर है

शरणम अयप्पा स्वामी का गृहनगर है

सुरिगायुधने शरणं अय्यप्पा

शरणम अयप्पा पूर्ण पापी हैं

शरणम अयप्पा इंद्रादि पूजिथेन हैं

इंजिपारा किला शरणम अयप्पा है || 81 ||


गुरुपाद वन्दने शरणं अय्यप्पा

विलालि वीरणे शरणम अय्यप्पा

नीलांबरधरणे शरणं अय्यप्पा

अठारह चरणों पर शरणम अय्यप्पा

भस्मकुलवे शरणं अय्यप्पा

शरणम अय्यप्पा चोट का इलाज करने वाले हैं

शरणम अयप्पा दिव्य हैं

शरणम अयप्पा देवता हैं

ववर मोक्षितनए शरणं अय्यप्पा || 90 ||


शरणम अयप्पा जंगल के रक्षक हैं

वेदांत वेद्याने शरणं अय्यप्पा

तारक ब्रह्मणे शरणम अय्यप्पा

शरणम अयप्पा जितेंद्रिय हैं

शबरी मोक्षितने शरणं अय्यप्पा

शरणम अय्यप्पा शत्रु के संहारक हैं

शरणम अयप्पा एक सभ्य लोक सेवक हैं

स्वामी प्रदक्षिण शरणम अय्यप्पा

स्वामी दिव्य दर्शनवे शरणं अय्यप्पा || 99 ||


शरणम अयप्पा सत्य का सार हैं

शरणम अयप्पा सर्वेश्वरी की मां हैं

शरणम अय्यप्पा एक प्रेमी हैं

इप्पाजी हॉल के शरणम अयप्पा

शरणम अयप्पा गणेश जी के पैर हैं

वीरा मणिकांतेन शरणम अयप्पा

शरणम अयप्पा शाश्वत ब्रह्मचारी हैं

मणिकांतेन शरणं अय्यप्पा

ॐ हरिहरसुथन अय्यनयप्पा स्वामीये शरणम अयप्पा || 108 ||


सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "श्री अयप्पा सरनु घोष (108 Ayyappa Saranu Gosha Lyrics in Hindi ) - AYYAPPA SHARANU GOSHA - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 21 Aug 2026

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