🙏 सालासर दरबार सांचो – सांची सकलाई है
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(Salasar Darbar Sancho – Sanchi Sakalai Hai) – सालासर बालाजी भजन
📝 भजन विवरण
📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)
सालासर दरबार सांचो,
सांची सकलाई है,
अठे होवे सुनवाई है,
सालासर दरबार
॥ अंतरा १ – शिव शंकर अवतारी, भक्तां का पालनहार ॥
शिव शंकर अवतारी,
बजरंगी बलकारी,
भक्तां का पालनहार है,
अर्जी लगा के देख,
दिल की सुना के देख,
भरे भंडार है,
देवे है पर्चा चर्चा,
याही दुनिया माही है,
अठे होवे सुनवाई है,
सालासर दरबार
॥ अंतरा २ – दौलत से ना रीझे, शोहरत से ना रीझे ॥
दौलत से ना रीझे,
शोहरत से ना रीझे,
यो रीझे भाव से,
श्री राम भजन करके,
आ ने रिझा ले तू,
यो आसी चाव से,
थामे है पतवार जाके,
भाव में सच्चाई है,
अठे होवे सुनवाई है,
सालासर दरबार
॥ अंतरा ३ – हर संकट काटेगो, दुख तेरा बांटेगो ॥
हर संकट काटेगो,
दुख तेरा बांटेगो,
म्हारो बाबो दयावान है,
तू शरणा जो आसी,
भय भ्रम भी मिट जासी,
जो सागे हनुमान है,
जद सागे बाबो,
‘जितू’ चिंता माने काई है,
अठे होवे सुनवाई है,
सालासर दरबार
सालासर दरबार सांचो,
सांची सकलाई है,
अठे होवे सुनवाई है,
सालासर दरबार
🎤 गायक : विवेक शर्मा
🎵 तर्ज : “एक तेरा साथ”
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह भजन सालासर बालाजी (हनुमान जी के एक रूप, जिनका राजस्थान के सालासर में प्रसिद्ध मंदिर है) की महिमा का वर्णन करता है। “सालासर दरबार सांचो, सांची सकलाई है” – सालासर का दरबार सत्य है, उसकी सबाई (प्रतिज्ञा) भी सत्य है। “अठे होवे सुनवाई है” – वहाँ (सालासर में) हर बात सुनी जाती है।
पहले अंतरे में – सालासर बालाजी शिव शंकर के अवतार, बजरंगबली और बलकारी हैं। वे भक्तों का पालन करने वाले हैं। अर्जी लगाकर देखो, दिल की सुनाकर देखो – वे सब कुछ सुनते हैं और भंडार भरे हुए हैं। वे “पर्चा” (संकेत, दर्शन) और “चर्चा” (बात) देते हैं।
दूसरे अंतरे में – बालाजी दौलत या शोहरत से नहीं रीझते, वे तो सच्चे भाव से रीझते हैं। श्री राम भजन करके उन्हें रिझाया जा सकता है। जो भाव में सच्चाई रखता है, वह उनकी पतवार (नाव की पतवार, यानी सहारा) पकड़ लेता है।
तीसरे अंतरे में – बालाजी हर संकट काटते हैं, दुख बाँटते हैं (दूर करते हैं)। वे दयावान हैं। जो उनकी शरण में आता है, उसके भय और भ्रम मिट जाते हैं। जब बाबा साथ हैं, तो चिंता का कोई कारण नहीं। रचनाकार ‘जितू’ कहते हैं कि जब बाबा साथ हैं, तो चिंता कैसी?
यह भजन सालासर बालाजी के प्रति गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता है – वे सत्य हैं, उनका दरबार सबकी सुनता है, और वे भक्तों के सभी संकट दूर करते हैं।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व
सालासर दरबार की महिमा: राजस्थान के सालासर में स्थित बालाजी (हनुमान जी) का मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से माँगने पर हर मुराद पूरी होती है। यह भजन उसी आस्था को व्यक्त करता है।
भाव से रीझने वाले बालाजी: “दौलत से ना रीझे, शोहरत से ना रीझे, यो रीझे भाव से” – यह पंक्ति बताती है कि बालाजी को प्रसन्न करने के लिए धन-वैभव नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति और भाव चाहिए।
संकट मोचन का आश्वासन: “हर संकट काटेगो, दुख तेरा बांटेगो” – यह हनुमान जी के संकटमोचन स्वरूप का ही वर्णन है।
💖 सालासर बालाजी की कृपा
🎯 संदेश
सालासर बालाजी सत्य के प्रतीक हैं। उनके दरबार में हर सच्ची पुकार सुनी जाती है। भाव और श्रद्धा से भजन करने वाले को वे अवश्य सुनते हैं और उसके सभी संकट दूर करते हैं।
✨ आस्था का प्रतीक
यह भजन लाखों सालासर भक्तों के हृदय में विशेष स्थान रखता है। “सालासर दरबार सांचो” की यह पंक्ति हर भक्त की जुबान पर रहती है।
🙏 जय सालासर बालाजी ।। सालासर दरबार सांचो ।। जय हनुमान ।।
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