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भक्ति रस काव्य व भजन

वो जो भानु बाबा की दुलारी है (Vo Jo Bhanu Baba Ki Dulari Hai) – Radha Rani Bhajan 2026

159 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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🙏 वो जो भानु बाबा की दुलारी है

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें।

(Vo Jo Bhanu Baba Ki Dulari Hai) – Radha Rani Bhajan 2026

राधे राधे ❤️

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: भक्ति लोक (पारंपरिक)
🏷️ श्रेणी: राधा रानी भजन / श्यामा जी
📍 भाव: दुलार, करुणा, समर्पण, प्रेम

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है
मैं क्यों अपनी परवाह करूं
मेरी श्यामा जू हितकारी है..

॥ अंतरा १ ॥

मेरी लाडो जिनपे रीझ जाए,
उनको ही ब्रज में बुलाती है,
उन्हें आंचल में बिठला करके,
प्यारी नित नित प्यार लुटाती है..
वो जो श्यामा जी की अटारी है,
हमें प्राणों से भी प्यारी है..!!
मैं क्यों अपनी परवाह करूं,
मेरी श्यामा जू हितकारी है...

॥ अंतरा २ ॥

करुणा मई श्यामा प्यारी है,
अधमों को भी लाड लडाती है..
मुझ जैसी कपटी पापी को,
प्यारी नित नए लाड लडाती है..
कोई भाव से राधा नाम कहे..
प्यारी ठाकुर से मिलवाती है..
वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है

॥ अंतरा ३ ॥

अब एक ही आस मेरे मन की,
मेरा हर अंग राधा नाम कहे..
दिन रैन हीं नाम भजूं प्यारी,
और नित ही दर्शन होता रहे..
जब दृष्टि पड़ी तेरी चौखट पे..,
सब सुध बुध तो पे वरी है..
वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है

वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है
मैं क्यों अपनी परवाह करूं
मेरी श्यामा जू हितकारी है..

✍️ रचना : पारंपरिक / भक्ति लोक

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन राधा रानी (श्यामा जी) के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। "वो जो भानु बाबा की दुलारी है" – भानु बाबा (सूर्यदेव) की दुलारी यानी राधा रानी अत्यंत सुंदर और प्यारी हैं। भक्त कहता है कि जब मेरी श्यामा जी हितकारी हैं तो मैं अपनी चिंता क्यों करूं?

भजन में राधा रानी की करुणा का वर्णन है – वे अधमों (पतितों) को भी लाड लडाती हैं, कपटी-पापी को भी नए लाड़ से नवाजती हैं। भक्त की एक ही आस है कि उसका हर अंग "राधा नाम" कहे, वह दिन-रात नाम जपे और उसे नित्य दर्शन होते रहें।

जब भक्त की दृष्टि राधा रानी की चौखट पर पड़ती है, तो उसकी सुध-बुध खत्म हो जाती है – यह उस परम प्रेम और समर्पण की अवस्था है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

राधा रानी की दुलारी: "भानु बाबा की दुलारी" कहकर राधा रानी को सूर्यदेव की पुत्री बताया गया है। यह उनके दिव्य स्वरूप को दर्शाता है।

अधमों पर कृपा: राधा रानी सबसे सुलभ हैं – वे अधमों, कपटियों, पापियों पर भी कृपा बरसाती हैं। यह भक्तों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।

चौखट की महिमा: "जब दृष्टि पड़ी तेरी चौखट पे.. सब सुध बुध तो पे वरी है" – राधा रानी की चौखट की महिमा अपरंपार है। वहाँ पहुँचकर भक्त अपना सब कुछ भूल जाता है।

💖 राधा प्रेम का सागर

🎯 संदेश

राधा रानी की कृपा से भक्त निर्भय हो जाता है। वह अपनी परवाह छोड़कर केवल श्यामा जी के हितकारी स्वरूप में लीन रहता है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन सिखाता है कि राधा नाम का सुमिरन ही भक्त को ठाकुर (कृष्ण) से मिलवा सकता है। राधा जी ही माधव तक पहुँचाने वाली माध्यम हैं।

🙏 राधे राधे ।। श्री राधिका जय श्री राधिका ।।

॥ इति राधा भजनम् ॥
॥ वो जो भानु बाबा की दुलारी है, बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है ।।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 16 Aug 2026

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