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Rang Panchami

रंग पंचमी कब मनाई जाती है? 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त और पंचांग विवरण

310 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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📅 रंग पंचमी 2026: तिथि, मुहूर्त और पंचांग

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

होली के पाँच दिन बाद मनाया जाने वाला रंगों का पर्व

जानें सटीक तारीख, शुभ समय और पूजा की विधि

🎨 रंग पंचमी 2026: मुख्य जानकारी

रंग पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो होली के ठीक पाँच दिन बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इसे देवताओं की होली भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता धरती पर आकर रंग-गुलाल खेलते हैं। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में रंग पंचमी की सटीक तारीख, पंचांग और शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से।

📅 रंग पंचमी 2026: तिथि और पंचांग विवरण

वैदिक पंचांग के अनुसार, रंग पंचमी की तिथि का आरंभ और समापन इस प्रकार है:

विवरण तारीख और समय
पर्व का नाम रंग पंचमी 2026
दिन और तिथि रविवार, 8 मार्च 2026
माह और पक्ष चैत्र मास, कृष्ण पक्ष
पंचमी तिथि प्रारम्भ 7 मार्च 2026, शाम 07:17 बजे
पंचमी तिथि समाप्त 8 मार्च 2026, रात 09:10 बजे
सूर्योदय (8 मार्च) प्रातः 06:39 बजे
सूर्यास्त (8 मार्च) सायं 06:25 बजे
चंद्रोदय (8 मार्च) रात 11:08 बजे
चंद्रास्त (8 मार्च) सुबह 09:04 बजे

नोट: चूंकि पंचमी तिथि 8 मार्च को सूर्योदय के समय से लेकर पूरे दिन और रात्रि तक विद्यमान है, इसलिए उदयातिथि के अनुसार रंग पंचमी 8 मार्च 2026 को ही मनाई जाएगी।

⏱️ रंग पंचमी 2026: शुभ मुहूर्त

रंग पंचमी के दिन पूजा-अर्चना और शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित मुहूर्त सबसे उत्तम माने गए हैं:

मुहूर्त समय अवधि
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:01 बजे से 05:50 बजे तक
विजय मुहूर्त दोपहर 02:30 बजे से 03:17 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 06:23 बजे से 06:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त 12:08 बजे से 12:56 बजे तक

आप इन शुभ समय में पूजा-पाठ और रंगोत्सव की शुरुआत कर सकते हैं।

✨ क्यों मनाई जाती है रंग पंचमी? (धार्मिक महत्व)

  • देवताओं की होली: मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और अपने भक्तों के साथ होली खेलते हैं।
  • राधा-कृष्ण की लीला: द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ इसी दिन विशेष रंगोत्सव मनाया था, जिसमें देवताओं ने पुष्प वर्षा की थी।
  • आध्यात्मिक शुद्धि: यह पर्व वातावरण को शुद्ध करने और नकारात्मक ऊर्जा पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है।

🪔 रंग पंचमी पूजा विधि

  1. स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. प्रतिमा स्थापना: एक चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर भगवान राधा-कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  3. पूजन सामग्री अर्पित करें: भगवान को रोली, चंदन, फूल, माला, धूप, दीप और नैवेद्य (माखन-मिश्री, मिठाई, फल) अर्पित करें।
  4. गुलाल अर्पण: भगवान के चरणों में गुलाल और अबीर अर्पित करें। लाल और गुलाबी रंग का गुलाल विशेष रूप से शुभ माना गया है।
  5. मंत्र जाप और आरती: राधा-कृष्ण मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करके प्रसाद वितरित करें।

✅ रंग पंचमी: क्या करें और क्या न करें

क्या करें

  • देवी-देवताओं को गुलाल अर्पित करें।
  • सूर्य देव को लाल अबीर चढ़ाएं।
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • हवा में रंग-गुलाल उड़ाकर देवताओं के स्वागत का भाव रखें।

क्या न करें

  • काले रंग के कपड़े पहनने से बचें।
  • तामसिक भोजन और मांसाहार का सेवन न करें।
  • रंग खेलते समय जबरदस्ती या कीचड़ का प्रयोग न करें।

🗺️ कहाँ विशेष रूप से मनाई जाती है?

रंग पंचमी विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में धूमधाम से मनाई जाती है। महाराष्ट्र में इसे "शिमगा" उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है, जिसमें पालखी नृत्य और लोकगीतों की परंपरा है।

वर्ष 2026 में रंग पंचमी 8 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह देवताओं की होली का प्रतीक है और राधा-कृष्ण के प्रेम उत्सव से जुड़ा है। उपरोक्त तिथि और मुहूर्त के अनुसार पूजा-अर्चना करके आप इस पर्व का पूर्ण लाभ उठा सकते हैं।

🎨 रंग पंचमी 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌸

📅 रंग पंचमी 2026: 8 मार्च, रविवार
तिथि, मुहूर्त और पंचांग विवरण
श्रेणियां: Rang Panchami

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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