सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
🕉️ महाकाल – B Praak, Jaani
(Mahakal) – Har Har Mahadev | Shiv Bhajan
🎬 गीत विवरण
📜 गीत लिरिक्स (हिन्दी में)
॥ स्थायी ॥
शम्भू...
शम्भू...
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
शम्भू...
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
॥ अंतरा १ ॥
शंकरा करुणाकरा
शंकरा करुणाकरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शम्भू...
॥ अंतरा २ ॥
शिव ही अग्नि शिव ही पानी सखिये री
बिना शिव के ये न धरती बचती है
जब नहीं था कोई तब शिव ही थे
शिव ही मृत्यु, शिव ही आदिशक्ति है
धरती की लय ताल है प्यारे
पैरों में कंकाल है प्यारे
धरती की लय ताल है प्यारे
पैरों में कंकाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
शंकरा करुणाकरा
शंकरा करुणाकरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
॥ अंतरा ३ ॥
शिव की पूजा करियो रे
मृत्यु से ना डरियो रे
शिव का जो वरदान मिले
ब्रह्मा विष्णु श्याम मिले
कितना संसार बनाया है
ये धरती शिव की माया है
जिसने शिव को पाया है
पवन पुत्र हनुमान मिले
अंबर और पाताल है प्यारे
भस्म लगायी खाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
शंकरा करुणाकरा
शंकरा करुणाकरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
शम्भू...
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शम्भू...
🎵 गायक: बी प्राक | गीत/संगीत: जानी | संगीत निर्माण: बनी, मीर देसाई
🕉️ गीत का अर्थ और संदेश
यह गीत भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की स्तुति में गाया गया है। "महाकाल महाकाल है प्यारे, तेरी मेरी ढाल है प्यारे" – हे प्यारे, महाकाल (शिव) ही तुम्हारी और मेरी रक्षा करने वाली ढाल हैं।
"शंकरा करुणाकरा, जगदीश्वरा परमेश्वरा" – शंकर, जो करुणा के सागर हैं, जगत के स्वामी और परमेश्वर हैं।
"शिव ही अग्नि, शिव ही पानी सखिये री" – हे सखी, शिव ही अग्नि हैं, शिव ही जल हैं। शिव के बिना यह धरती नहीं बचती। जब कोई नहीं था, तब शिव ही थे। शिव ही मृत्यु हैं और शिव ही आदिशक्ति हैं।
"धरती की लय ताल है प्यारे, पैरों में कंकाल है प्यारे" – पृथ्वी की लय और ताल शिव हैं, और उनके पैरों में कंकाल (रुद्राक्ष, भस्म) है।
"शिव की पूजा करियो रे, मृत्यु से ना डरियो रे" – शिव की पूजा करो, मृत्यु से मत डरो। शिव का वरदान मिले तो ब्रह्मा, विष्णु और श्याम (कृष्ण) भी मिल जाते हैं।
"जिसने शिव को पाया है, पवन पुत्र हनुमान मिले" – जिसने शिव को पा लिया, उसे हनुमान जी (पवन पुत्र) भी मिल जाते हैं।
गीत का सार यह है कि महाकाल शिव ही समस्त सृष्टि के आधार हैं। वे अग्नि-जल, मृत्यु-शक्ति, सब कुछ हैं। उनकी शरण में जाने से मृत्यु का भय नहीं रहता और सभी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
📖 महाकाल: शिव का काल-स्वरूप
महाकाल शिव का वह स्वरूप है जो समय (काल) के भी स्वामी हैं। वे मृत्यु पर विजय प्राप्त करने वाले हैं, इसलिए उन्हें मृत्युंजय भी कहा जाता है।
गीत में उल्लिखित "पैरों में कंकाल" और "भस्म लगायी खाल" शिव के रौद्र एवं वैराग्य स्वरूप के प्रतीक हैं। वे संसार की अस्थिरता का बोध कराते हैं।
जानी के लिखे इस गीत में शिव की सर्वव्यापकता और उनके भक्तों को मिलने वाले वरदानों का अद्भुत चित्रण है। बी प्राक की आवाज़ और बनी-मीर देसाई के संगीत ने इस गीत को भक्तों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय बना दिया है।
🔍 गीत का विशेष महत्त्व
🛡️ महाकाल – सबकी ढाल
गीत में शिव को "तेरी मेरी ढाल" कहा गया है। इसका अर्थ है कि वे हर किसी की रक्षा करने वाले कवच हैं। भय और संकट के समय महाकाल की शरण सबसे बड़ा सहारा है।
🕉️ शिव ही सब कुछ
"शिव ही अग्नि, शिव ही पानी" – शिव सभी पंचतत्वों में व्याप्त हैं। यह अद्वैत भावना को दर्शाता है कि समस्त सृष्टि शिवमय है।
🎯 संदेश : महाकाल शिव ही सृष्टि के मूल कारण हैं। उनकी भक्ति करने से मृत्यु का भय नहीं रहता, और उनका वरदान पाकर ब्रह्मा-विष्णु-श्याम और हनुमान सभी की कृपा मिलती है। वे हमारी ढाल हैं, हमारे रक्षक हैं। इसलिए हमें निडर होकर उनकी शरण में जाना चाहिए।
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