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भक्ति रस काव्य व भजन

वो जो भानु बाबा की दुलारी है (Vo Jo Bhanu Baba Ki Dulari Hai) – Radha Rani Bhajan Lyrics in Hindi

218 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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🙏 वो जो भानु बाबा की दुलारी है – राधा रानी भजन

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें।

(Vo Jo Bhanu Baba Ki Dulari Hai) – Radha Rani Bhajan 2026

दृष्टि शर्मा कृत ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायिका/लेखिका: दृष्टि शर्मा
🏷️ श्रेणी: राधा रानी भजन / श्यामा जी भजन
📍 भाव: प्रेम, समर्पण, ममता

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है
मैं क्यों अपनी परवाह करूं
मेरी श्यामा जू हितकारी है..

वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है

॥ अंतरा १ ॥

मेरी लाडो जिनपे रीझ जाए,
उनको ही ब्रज में बुलाती है,
उन्हें आंचल में बिठला करके,
प्यारी नित नित प्यार लुटाती है..
वो जो श्यामा जी की अटारी है,
हमें प्राणों से भी प्यारी है..!!
मैं क्यों अपनी परवाह करूं,
मेरी श्यामा जू हितकारी है..

॥ अंतरा २ ॥

करुणा मई श्यामा प्यारी है,
अधमों को भी लाड लडाती है..
मुझ जैसी कपटी पापी को,
प्यारी नित नए लाड लडाती है..
कोई भाव से राधा नाम कहे..
प्यारी ठाकुर से मिलवाती है..
वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है

॥ अंतरा ३ ॥

अब एक ही आस मेरे मन की,
मेरा हर अंग राधा नाम कहे
दिन रैन हीं नाम भजूं प्यारी,
और नित ही दर्शन होता रहे
जब दृष्टि पड़ी तेरी चौखट पे..,
सब सुध बुध तो पे वरी है..
वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है

वो जो भानु बाबा की दुलारी है..
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है
मैं क्यों अपनी परवाह करूं
मेरी श्यामा जू हितकारी है..

✍️ रचनाकार/गायिका :- दृष्टि शर्मा

Lyrics and Singer: Drishti Sharma

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन राधा रानी (श्यामा जी) के प्रति गहरे प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। "वो जो भानु बाबा की दुलारी है" – राधा रानी जो राजा वृषभानु (भानु बाबा) की लाड़ली पुत्री हैं, वे अत्यंत सुंदर और प्यारी हैं। भक्त कहता है कि जब श्यामा जू मेरी हितैषी हैं, तो मैं अपनी परवाह क्यों करूं?

पहले अंतरे में वर्णन है कि राधा रानी जिस पर कृपा करती हैं, उसे ब्रज बुला लेती हैं और अपने आंचल में बिठाकर प्यार लुटाती हैं। उनकी अटारी (महल) प्राणों से भी प्यारी है। दूसरे अंतरे में राधा की करुणा का वर्णन है – वे अधम और पापी को भी लाड़ लड़ाती हैं। भाव से "राधा नाम" कहने वाले को ठाकुर श्रीकृष्ण से मिलवा देती हैं।

अंतिम अंतरे में भक्त की एक ही आस है – हर अंग राधा नाम कहे, दिन-रात नाम जपे और नित्य दर्शन होते रहें। जब दृष्टि उनकी चौखट पर पड़ती है, सारी सुध-बुध समाप्त हो जाती है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

राधा रानी की ममता: इस भजन में राधा जी को ममतामयी माता के रूप में चित्रित किया गया है, जो अपने भक्तों को आंचल में बिठाकर दुलार करती हैं।

भानु बाबा की दुलारी: राजा वृषभानु की पुत्री होने के कारण राधा जी को "भानु बाबा की दुलारी" कहा गया है। यह उनके दिव्य और राजसी स्वरूप को दर्शाता है।

श्यामा जू हितकारी: भक्त का विश्वास है कि राधा रानी सदैव उसका हित करती हैं, इसलिए वह अपनी परवाह नहीं करता।

राधा नाम का महत्व: "राधा नाम" को ही भक्ति का साधन बताया गया है, जो सीधे ठाकुर (कृष्ण) से मिलवाता है।

💖 प्रेम और समर्पण का संगम

🎯 संदेश

राधा रानी की कृपा से भक्त निडर और निश्चिंत हो जाता है। वह जानता है कि श्यामा जू उसकी हितैषी हैं, इसलिए सांसारिक परवाहों से मुक्त होकर वह केवल राधा नाम का स्मरण करता है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणा है जो राधा रानी की ममता और करुणा का अनुभव करना चाहते हैं। राधा नाम ही सब कुछ है।

🙏 ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात् ।। जय राधे जय कृष्णा ।।

॥ इति दृष्टि शर्मा कृत भजनम् ॥
॥ राधे राधे ।। श्यामा जू की दुलारी सबकी हितकारी ।।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 13 Aug 2026

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