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भक्ति रस काव्य व भजन

Khatu Ka Ticket Kata Le Lyrics (Khatu Shyam Bhajan) – खाटू का टिकट कटा ले रे भाया

216 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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🙏 खाटू का टिकट कटा ले – श्याम प्रेमियों का मेला

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(Khatu Ka Ticket Kata Le) – Shyam Bhajan 2026 | संजय पारीक & रोमी

ॠ संजय पारीक एवं रोमी कृत ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: संजय पारीक, रोमी
🏷️ श्रेणी: खाटू श्याम भजन
🎵 तर्ज: जट्ट यमला पगला दीवाना
📍 स्थान: खाटू श्याम जी मंदिर, सीकर, राजस्थान
📅 रिलीज: 2026
🎨 भाव: उल्लास, समर्पण, भक्ति

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

खाटू का टिकट कटा ले रे भाया,
एक निशान उठा ले,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा।।

तर्ज – जट्ट यमला पगला दीवाना।

॥ अंतरा १ ॥

रंग रंगीला श्याम प्रभु का मेला है,
इस मेले में कोई नहीं अकेला है,
श्याम प्रेमियों के सर पे,
सांवरे का हाथ है,
जिसको भरोसा मेरा बाबा,
उसके साथ है,
तू जयकार लगाले, लगाले, लगाले,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा।।

॥ अंतरा २ ॥

नाचते झूमते दीखते श्याम दीवाने है,
हर जुबां पे बाबा के तराने है,
झूम रहा तन मन,
झूमे अंग अंग है,
श्याम प्रेमियों पे चढ़ा,
सांवरे का रंग है,
तू थोड़ा रंग जमाले, जमाले, जमाले,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा।।

॥ अंतरा ३ ॥

रंगो मौसम है रंग रंगोली है,
बाबा के भक्तो की संग में टोली है,
खाटु माहि होली की,
अजब धमाल है,
‘रोमी’ संग संजय भी,
हुआ मालामाल है,
तू भी थोड़ा माल कमा ले, कमा ले,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा।।

खाटू का टिकट कटा ले रे भाया,
एक निशान उठा ले,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा,
बाबा तेरे साथ चलेगा,
हाथो में लेके हाथ चलेगा।।

✍️ रचनाकार :- संजय पारीक एवं रोमी

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन खाटू श्याम जी के प्रति भक्तों के उल्लास, प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। "खाटू का टिकट कटा ले रे भाया" – भक्त एक-दूसरे से कहते हैं कि खाटू धाम जाने का टिकट कटवा लो, बाबा का निशान (ध्वज या प्रतीक) उठा लो, क्योंकि बाबा साथ चलेंगे, हाथों में हाथ लेकर।

"रंग रंगीला श्याम प्रभु का मेला है" – खाटू धाम में लगने वाला मेला रंगों से भरा हुआ है, और इस मेले में कोई अकेला नहीं है – सब श्याम प्रेमी एक परिवार की तरह हैं। श्याम प्रेमियों के सिर पर सांवरे (श्याम जी) का हाथ है, और जिसे उन पर भरोसा है, वह कभी अकेला नहीं होता।

"नाचते झूमते दीखते श्याम दीवाने है" – भक्तगण श्याम जी की भक्ति में झूम रहे हैं, हर जुबान पर बाबा के गीत हैं। तन-मन-अंग सब झूम रहे हैं क्योंकि श्याम प्रेमियों पर सांवरे का रंग चढ़ा है।

अंतिम अंतरे में रचनाकार रोमी और संजय कहते हैं कि खाटू में होली की अद्भुत धमाल है, और वे स्वयं भी मालामाल हो गए (आध्यात्मिक धन से भरपूर)। वे सभी भक्तों से कहते हैं कि तुम भी थोड़ा माल (भक्ति-प्रेम) कमा लो, बाबा साथ चलेंगे।

📍 खाटू श्याम जी मंदिर – विशेष महत्व

श्री खाटू श्याम जी मंदिर: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर भगवान श्री कृष्ण के पौत्र बर्बरीक (श्याम जी) को समर्पित है। यहाँ हर वर्ष फाल्गुन मास में विशाल मेला लगता है, जहाँ देश-विदेश से लाखों भक्त आते हैं।

श्याम बाबा की महिमा: ऐसी मान्यता है कि श्याम बाबा अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। "हाथो में लेके हाथ चलेगा" – यह पंक्ति बाबा के साथ हमेशा चलने के आशीर्वाद को दर्शाती है।

मेले का उल्लास: खाटू का मेला रंगों, भक्ति और उल्लास से भरा होता है। भजन में "रंग रंगीला मेला" और "रंगो मौसम" इसी उत्सव के माहौल को व्यक्त करते हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्व

🎯 टिकट कटाने का संदेश

"टिकट कटा ले" का अर्थ केवल भौतिक यात्रा नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से श्याम जी की शरण में जाने का संकल्प लेना है। यह भक्ति यात्रा का निमंत्रण है।

✨ कोई अकेला नहीं

खाटू धाम के मेले में सभी श्याम प्रेमी एक परिवार हैं। यह भजन सामूहिक भक्ति और एकता का संदेश देता है – जहाँ श्याम बाबा स्वयं हाथ थामे साथ चलते हैं।

🙏 ॐ श्याम देवाय नमः ।। जय श्री श्याम ।। हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा ।।

॥ इति संजय पारीक कृत भजनम् ॥
॥ खाटू वाले श्याम बाबा की जय हो ।।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 13 Aug 2026

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