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भक्ति रस काव्य व भजन

पार्वती बोली शंकर से (Paarvatee bolee shankar se lyrics in hindi) - Bhaktilok

144 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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 पार्वती बोली शंकर से (Paarvatee bolee shankar se lyrics in hindi)


पार्वती बोली शंकर से

पार्वती बोली शंकर से

सुनिये भोलेनाथ जी

रहना है हर एक जन्म में

मुझे तुम्हारे साथ जी

वचन दीजिये न छोड़ोगे

कब हमारा हाथ जी....


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी।


जैसे मस्तक पर चंदा है

गंगा बसी जटाओ में

वैसा रखना है अभिनाशी

मुझे प्रेम की छाँव में...


कोई नही तुमसा तीनो

लोको में दसो दिशाओ में

महलो से ज्यादा सुख हिया

कैलाश की खुली हवा में....


रहना है हर एक जन्म में

मुझे तुम्हारे साथ जी

वचन दीजिये न छोड़ोगे

कब हमारा हाथ जी....


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी।


देव हो तुम देवो के भोले

अमर हो अंतर यामी हो

भाग्यवान है हम त्रिपुरारी

आप हमारे स्वामी हो...


पुष्प विमानों से प्यारी

हमको नंदी की सवारी जी

युगों युगों से पार्वती

भोले तुमपे बलिहारी....


जब लाओ तुम ही लाना

जब लाओ तुम ही लाना

द्वारे मेरे बारात जी...


ओ भोलेनाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी।


प्राण मेरे बस्ते है तुममे

तुम बिन मेरी नही गति

अन्नि कुण्ड में होके भस्म

तुम हुई थी मेरी लिए सती....


शिव बिन जैसे शक्ति अधूरी

शक्ति बिन शिव आधे है

जनमो तक ना टूटेगे ये

जनम जनम के नाते है....


तुम ही मेरे संध्या हो गोरी

तुम ही मेरी प्रभात जी

वचन है मेरा ना छोड़ूगा

कभी तुम्हारा हाथ जी

सदा रहे है सदा रहेगे

गोरी शंकर साथ जी....


है गोरा पार्वती

है गोरा पार्वती

जी भोलेनाथ जी

जी भोले नाथ जी


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी


ओ मेरा भोला है

मेरे साथ साथ

मैं झूम झूम के नाचु


मैं झूम झूम के नाचु

अरे घूम घूम के नाचू


मेरा भोला हो मेरा भोला

मेरा भोला है

मेरे साथ साथ

मैं झूम झूम के नाचु


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी।पार्वती बोली शंकर से



पार्वती बोली शंकर से

पार्वती बोली शंकर से

सुनिये भोलेनाथ जी

रहना है हर एक जन्म में

मुझे तुम्हारे साथ जी

वचन दीजिये न छोड़ोगे

कब हमारा हाथ जी....


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी।


जैसे मस्तक पर चंदा है

गंगा बसी जटाओ में

वैसा रखना है अभिनाशी

मुझे प्रेम की छाँव में...


कोई नही तुमसा तीनो

लोको में दसो दिशाओ में

महलो से ज्यादा सुख हिया

कैलाश की खुली हवा में....


रहना है हर एक जन्म में

मुझे तुम्हारे साथ जी

वचन दीजिये न छोड़ोगे

कब हमारा हाथ जी....


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी।


देव हो तुम देवो के भोले

अमर हो अंतर यामी हो

भाग्यवान है हम त्रिपुरारी

आप हमारे स्वामी हो...


पुष्प विमानों से प्यारी

हमको नंदी की सवारी जी

युगों युगों से पार्वती

भोले तुमपे बलिहारी....


जब लाओ तुम ही लाना

जब लाओ तुम ही लाना

द्वारे मेरे बारात जी...


ओ भोलेनाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी।


प्राण मेरे बस्ते है तुममे

तुम बिन मेरी नही गति

अन्नि कुण्ड में होके भस्म

तुम हुई थी मेरी लिए सती....


शिव बिन जैसे शक्ति अधूरी

शक्ति बिन शिव आधे है

जनमो तक ना टूटेगे ये

जनम जनम के नाते है....


तुम ही मेरे संध्या हो गोरी

तुम ही मेरी प्रभात जी

वचन है मेरा ना छोड़ूगा

कभी तुम्हारा हाथ जी

सदा रहे है सदा रहेगे

गोरी शंकर साथ जी....


है गोरा पार्वती

है गोरा पार्वती

जी भोलेनाथ जी

जी भोले नाथ जी


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी

ओ भोलेनाथ जी

ओ शंकरनाथ जी


ओ मेरा भोला है

मेरे साथ साथ

मैं झूम झूम के नाचु


मैं झूम झूम के नाचु

अरे घूम घूम के नाचू


मेरा भोला हो मेरा भोला

मेरा भोला है

मेरे साथ साथ

मैं झूम झूम के नाचु


ओ भोलेनाथ जी

ओ शम्भू नाथ जी।




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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 18 Aug 2026

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