महाकुंभ में शक्ति का संचार (mahaakumbh mein shakti ka sanchaar lyrics in hindi)
"महाकुंभ में शक्ति का संचार" एक प्रसिद्ध भजन है जो महाकुंभ मेला और धार्मिक उत्सवों से जुड़ा हुआ है। इस भजन के बोल विशेष रूप से श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करते हैं। इसके बोल निम्नलिखित हैं:
महाकुंभ में शक्ति का संचार
महाकुंभ में शक्ति का संचार,
सभी पापों का नाश हो।
पुंडलीक वरदा हरि का दर्शन,
मनुष्य का जीवन सार्थक हो।
चरणों में बसा भगवान का स्वरूप
ध्यान में बसा भगवान का स्वरूप,
शरण में आए हर जीव का उद्धार।
महाकुंभ में शक्ति का संचार,
सभी पापों का नाश हो।
गंगा के तट पर स्नान कर,
मुक्ति का मार्ग पा लो।
कुंभ के पवित्र संगम में,
आत्मा को शुद्ध कर लो।
सभी पापों का नाश हो,
सभी पापों का नाश हो।
महाकुंभ में शक्ति का संचार,
सभी पापों का नाश हो।
यह भजन महाकुंभ के पवित्र आयोजन के दौरान गाया जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु एक साथ गंगा स्नान करते हैं और आस्था के साथ अपने पापों से मुक्ति पाने की कामना करते हैं।
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