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जयकाल महाकाल Jaikal Mahakal Lyrics in Hindi (Amit Trivedi Swanand Kirkire)

जयकाल महाकाल शिव स्तुति फिल्म गुडबाय (2022) के बोल हिंदी में पढ़ें। अमित त्रिवेदी का संगीत और स्वानंद किरकिरे के गीत, संदर्भ एवं व्याख्या सहित।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा शुभ मुहूर्त">दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
🕉️ जयकाल महाकाल – गुडबाय (Goodbye) 2022

(Jaikal Mahakal) – शिव स्तुति

संगीत: अमित त्रिवेदी | गीत: स्वानंद किरकिरे

🎬 गीत विवरण

🎞️ फिल्म: Goodbye (2022)
🎤 गायिका: शर्वी यादव, रूपाली मोघे
✍️ गीतकार: स्वानंद किरकिरे
🎶 संगीतकार: अमित त्रिवेदी
🏷️ लेबल: Zee Music Company
🕉️ देवता: भगवान शिव (महाकाल)

📜 गीत लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ श्लोक ॥

मृत्युंजयाय रुद्राय
नीलकंठाय शंभवे
अमृतेशाय सर्वाय
महादेवाय ते नमः

मृत्युंजय महारुद्रा त्राहिमाम शरणागतम्
जन्म मृत्युंजराव्यधिमुच्यते करमा बंधनायः

॥ स्थायी ॥

जय काल महाकाल विकराल शम्भो
जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो
जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ
हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल

॥ अंतरा १ ॥

सृष्टि के संचालक महाप्राण तुम हो
तुम ही सुख, तुम ही दुःख, निर्वाण तुम हो
सूरज से तेजस्वी सागर से निर्मल
चन्दा भी, तारे भी, ब्रह्माण्ड तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल

॥ अंतरा २ ॥

जीवन की नैया तुम, पतवार तुम हो
इस पार, उस पार, मझधार तुम हो
कण-कण, ये हर क्षण, ये तुमसे बना है
गूँजे तो घट भीतर ओमकार तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल

॥ अंतरा ३ ॥

हिमालय के सर का श्रृंगार तुम हो
गंगा की पावन सी एक धार तुम हो
डम डम डम डमरू का एक नाद तुम हो
शंखों के हृदयों की हुंकार (हुमकार) तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल

॥ अंतरा ४ ॥

जय काल महाकाल किरपाल शम्भो
त्रिलोक व्यापे हैं तेरे चरण हो
तेरी कृपा हो तो जीवन प्रकट हो
तेरे ही कोप से सृष्टि भस्म (भसम) हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल

॥ अंतरा ५ ॥

जीवन का मृत्यु का खेला रचाया
एक लाया दुनिया में एक भिजवाया
इन्सान बेचारे ने आँसू बहाया
तेरा ये खेला समझ ही ना पाया
तेरा ये खेला समझ ही ना पाया

सोचे कि अपना कोई खोया गँवाया
जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया
जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया
जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया

जय काल महाकाल विकराल शम्भो
जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो
जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ
हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल

जय काल महाकाल विकराल शम्भो
जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो
जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ
हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल

🎵 संगीत: अमित त्रिवेदी | गीत: स्वानंद किरकिरे | गायिका: शर्वी यादव, रूपाली मोघे

🕉️ गीत का अर्थ और भावार्थ

यह गीत भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की स्तुति है, जो समय और मृत्यु के स्वामी हैं। "जय काल महाकाल विकराल शम्भो" – महाकाल, विकराल रूप वाले शम्भु की जय हो। "जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो" – जीवन और मृत्यु दोनों ही तुम्हारे स्वरूप हैं।

"जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ, हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो" – जन्म-जन्मांतर की कड़ियाँ, हर योनि और हर जीवन के रखवाले तुम हो।

"सृष्टि के संचालक महाप्राण तुम हो, तुम ही सुख, तुम ही दुःख, निर्वाण तुम हो" – सृष्टि के संचालक, परम प्राण तुम हो; सुख-दुःख और मोक्ष भी तुम ही हो।

"जीवन की नैया तुम, पतवार तुम हो, इस पार, उस पार, मझधार तुम हो" – जीवन की नाव और उसका पतवार तुम हो; इस पार, उस पार और बीच में भी तुम ही हो।

"हिमालय के सर का श्रृंगार तुम हो, गंगा की पावन सी एक धार तुम हो" – हिमालय की चोटी के श्रृंगार, गंगा की पवित्र धारा तुम हो। "डम डम डम डमरू का एक नाद तुम हो, शंखों के हृदयों की हुंकार तुम हो" – डमरू की ध्वनि और शंखों की गूँज तुम हो।

"तेरी कृपा हो तो जीवन प्रकट हो, तेरे ही कोप से सृष्टि भस्म हो" – तेरी कृपा से जीवन प्रकट होता है और तेरे कोप से सृष्टि भस्म हो जाती है।

अंतिम अंतरे में गीत जीवन-मृत्यु के रहस्य को छूता है – "जीवन का मृत्यु का खेला रचाया, एक लाया दुनिया में एक भिजवाया" – मनुष्य आता-जाता रहता है, और दुःख में आँसू बहाता है, पर यह खेल समझ नहीं पाता। पर सत्य यह है कि "जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया" – जो तेरा (शिव का) था, वह लौटकर तुझमें ही समा गया।

यह गीत फिल्म गुडबाय (2022) का है, जो परिवार और मृत्यु के विषय पर आधारित है, और यह गीत मृत्यु के दार्शनिक पक्ष को शिव-तत्व से जोड़ता है।

🎥 फिल्म गुडबाय (Goodbye) के बारे में

फिल्म गुडबाय 2022 में आई विकास बहल द्वारा निर्देशित फिल्म थी, जिसमें अमिताभ बच्चन, रश्मिका मंदाना, नीना गुप्ता आदि ने अभिनय किया। यह फिल्म एक पारिवारिक ड्रामा थी जो माँ की मृत्यु के बाद परिवार के भावनात्मक संघर्ष को दर्शाती है।

जयकाल महाकाल गीत इस फिल्म का एक महत्वपूर्ण गीत है, जो मृत्यु के दार्शनिक पक्ष को उजागर करता है। संगीत अमित त्रिवेदी ने दिया है और गीत स्वानंद किरकिरे ने लिखे हैं। यह गीत शिव स्तुति के रूप में है और जीवन-मृत्यु के चक्र में महाकाल की भूमिका को दर्शाता है।

🔍 गीत का आध्यात्मिक संदेश

🕉️ शिव का महाकाल स्वरूप

महाकाल शिव का वह स्वरूप है जो समय और मृत्यु के अधिपति हैं। वे जीवन और मृत्यु दोनों के स्वामी हैं, और इस गीत में उन्हें "रखवाल" कहा गया है – हर योनि के रक्षक।

🌀 जीवन-मृत्यु का खेल

गीत कहता है कि मनुष्य इस खेल को नहीं समझ पाता, पर सच यह है कि जो शिव का था, वह उन्हीं में समा गया। यह अद्वैत वेदांत की ओर इशारा करता है – सब शिवमय है।

🎯 संदेश : जय काल महाकाल – जीवन और मृत्यु दोनों में व्याप्त महादेव की स्तुति। यह गीत हमें सिखाता है कि मृत्यु से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि जो हमारा है, वह अंततः उसी में समा जाता है। शिव कण-कण में, हर क्षण में, इस पार और उस पार सब जगह हैं।

॥ जय काल महाकाल ॥
॥ हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो ॥
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "जयकाल महाकाल Jaikal Mahakal Lyrics in Hindi – Goodbye | Amit Trivedi Swanand Kirkire" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

श्रेणियां: Aarti Shri Ganesh Shiv Aarti

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

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