🕉️ जयकाल महाकाल – गुडबाय (Goodbye) 2022
(Jaikal Mahakal) – शिव स्तुति
🎬 गीत विवरण
📜 गीत लिरिक्स (हिन्दी में)
॥ श्लोक ॥
मृत्युंजयाय रुद्राय
नीलकंठाय शंभवे
अमृतेशाय सर्वाय
महादेवाय ते नमः
मृत्युंजय महारुद्रा त्राहिमाम शरणागतम्
जन्म मृत्युंजराव्यधिमुच्यते करमा बंधनायः
॥ स्थायी ॥
जय काल महाकाल विकराल शम्भो
जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो
जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ
हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल
॥ अंतरा १ ॥
सृष्टि के संचालक महाप्राण तुम हो
तुम ही सुख, तुम ही दुःख, निर्वाण तुम हो
सूरज से तेजस्वी सागर से निर्मल
चन्दा भी, तारे भी, ब्रह्माण्ड तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल
॥ अंतरा २ ॥
जीवन की नैया तुम, पतवार तुम हो
इस पार, उस पार, मझधार तुम हो
कण-कण, ये हर क्षण, ये तुमसे बना है
गूँजे तो घट भीतर ओमकार तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल
॥ अंतरा ३ ॥
हिमालय के सर का श्रृंगार तुम हो
गंगा की पावन सी एक धार तुम हो
डम डम डम डमरू का एक नाद तुम हो
शंखों के हृदयों की हुंकार (हुमकार) तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल
॥ अंतरा ४ ॥
जय काल महाकाल किरपाल शम्भो
त्रिलोक व्यापे हैं तेरे चरण हो
तेरी कृपा हो तो जीवन प्रकट हो
तेरे ही कोप से सृष्टि भस्म (भसम) हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल
॥ अंतरा ५ ॥
जीवन का मृत्यु का खेला रचाया
एक लाया दुनिया में एक भिजवाया
इन्सान बेचारे ने आँसू बहाया
तेरा ये खेला समझ ही ना पाया
तेरा ये खेला समझ ही ना पाया
सोचे कि अपना कोई खोया गँवाया
जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया
जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया
जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया
जय काल महाकाल विकराल शम्भो
जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो
जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ
हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल विकराल शम्भो
जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो
जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ
हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो
जय काल महाकाल
जय काल महाकाल
🎵 संगीत: अमित त्रिवेदी | गीत: स्वानंद किरकिरे | गायिका: शर्वी यादव, रूपाली मोघे
🕉️ गीत का अर्थ और भावार्थ
यह गीत भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की स्तुति है, जो समय और मृत्यु के स्वामी हैं। "जय काल महाकाल विकराल शम्भो" – महाकाल, विकराल रूप वाले शम्भु की जय हो। "जीवन हो या मृत्यु दोनों ही तुम हो" – जीवन और मृत्यु दोनों ही तुम्हारे स्वरूप हैं।
"जन्मों जन्मान्तर की लड़ियाँ ये कड़ियाँ, हर योनि हर जीवन रखवाल तुम हो" – जन्म-जन्मांतर की कड़ियाँ, हर योनि और हर जीवन के रखवाले तुम हो।
"सृष्टि के संचालक महाप्राण तुम हो, तुम ही सुख, तुम ही दुःख, निर्वाण तुम हो" – सृष्टि के संचालक, परम प्राण तुम हो; सुख-दुःख और मोक्ष भी तुम ही हो।
"जीवन की नैया तुम, पतवार तुम हो, इस पार, उस पार, मझधार तुम हो" – जीवन की नाव और उसका पतवार तुम हो; इस पार, उस पार और बीच में भी तुम ही हो।
"हिमालय के सर का श्रृंगार तुम हो, गंगा की पावन सी एक धार तुम हो" – हिमालय की चोटी के श्रृंगार, गंगा की पवित्र धारा तुम हो। "डम डम डम डमरू का एक नाद तुम हो, शंखों के हृदयों की हुंकार तुम हो" – डमरू की ध्वनि और शंखों की गूँज तुम हो।
"तेरी कृपा हो तो जीवन प्रकट हो, तेरे ही कोप से सृष्टि भस्म हो" – तेरी कृपा से जीवन प्रकट होता है और तेरे कोप से सृष्टि भस्म हो जाती है।
अंतिम अंतरे में गीत जीवन-मृत्यु के रहस्य को छूता है – "जीवन का मृत्यु का खेला रचाया, एक लाया दुनिया में एक भिजवाया" – मनुष्य आता-जाता रहता है, और दुःख में आँसू बहाता है, पर यह खेल समझ नहीं पाता। पर सत्य यह है कि "जो तेरा था वो जाकर तुझमें समाया" – जो तेरा (शिव का) था, वह लौटकर तुझमें ही समा गया।
यह गीत फिल्म गुडबाय (2022) का है, जो परिवार और मृत्यु के विषय पर आधारित है, और यह गीत मृत्यु के दार्शनिक पक्ष को शिव-तत्व से जोड़ता है।
🎥 फिल्म गुडबाय (Goodbye) के बारे में
फिल्म गुडबाय 2022 में आई विकास बहल द्वारा निर्देशित फिल्म थी, जिसमें अमिताभ बच्चन, रश्मिका मंदाना, नीना गुप्ता आदि ने अभिनय किया। यह फिल्म एक पारिवारिक ड्रामा थी जो माँ की मृत्यु के बाद परिवार के भावनात्मक संघर्ष को दर्शाती है।
जयकाल महाकाल गीत इस फिल्म का एक महत्वपूर्ण गीत है, जो मृत्यु के दार्शनिक पक्ष को उजागर करता है। संगीत अमित त्रिवेदी ने दिया है और गीत स्वानंद किरकिरे ने लिखे हैं। यह गीत शिव स्तुति के रूप में है और जीवन-मृत्यु के चक्र में महाकाल की भूमिका को दर्शाता है।
🔍 गीत का आध्यात्मिक संदेश
🕉️ शिव का महाकाल स्वरूप
महाकाल शिव का वह स्वरूप है जो समय और मृत्यु के अधिपति हैं। वे जीवन और मृत्यु दोनों के स्वामी हैं, और इस गीत में उन्हें "रखवाल" कहा गया है – हर योनि के रक्षक।
🌀 जीवन-मृत्यु का खेल
गीत कहता है कि मनुष्य इस खेल को नहीं समझ पाता, पर सच यह है कि जो शिव का था, वह उन्हीं में समा गया। यह अद्वैत वेदांत की ओर इशारा करता है – सब शिवमय है।
🎯 संदेश : जय काल महाकाल – जीवन और मृत्यु दोनों में व्याप्त महादेव की स्तुति। यह गीत हमें सिखाता है कि मृत्यु से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि जो हमारा है, वह अंततः उसी में समा जाता है। शिव कण-कण में, हर क्षण में, इस पार और उस पार सब जगह हैं।
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