Hanuman Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

सालासर के वीर हनुमान तेरी लीला अजब निराली लिरिक्स (Salasar Ke Veer Hanuman Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Preeti M. Malu

सालासर के वीर हनुमान तेरी लीला अजब निराली लिरिक्स पढ़ें। प्रीति एम मालू द्वारा गाए इस लोकप्रिय हनुमान भजन के बोल, अर्थ और भावार्थ देखें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

जय सियाराम जय जय सियाराम

सालासर के वीर हनुमान

तेरी लीला अजब 

निराली बजरंगी हनुमान

होये तेरा क्या कहना .....||

जो ले तेरा नाम हो 

गया उसका बेडा पार

होये तेरा क्या कहना .....||

तेरे भरोसे बाबा चलती है 

मेरी नैया ,तू ही खिवैया है

तू ना सुनेगा बाबा कौन 

सुनेगा मेरी तू ही खिवैया है

दीन दुखी दातारी है 

तू है सबसे बलवान

होये तेरा क्या कहना .....||

दिल में बसा ले बाबा दिल से 

लगा ले बाबा तू ही दातारी है

तुम बिन जीवन मेरा कुछ भी 

नहीं है बाबा तू ही सुखकारी है

राम भक्त हनुमान राम 

का करते हैं गुणगान

होये तेरा क्या कहना .....||

तेरे द्वार पे जो आया खाली 

ना जाने पाया तू ही दिलदार है

शीश जो हमने झुकाया माँगा 

जो वो वर पाया तू ही सरकार है

ऐसे महावीर से प्रीती 

लगा के एक बार देख

होये तेरा क्या कहना .....||

तेरी लीला अजब निराली 

बजरंगी हनुमान

होये तेरा क्या कहना .....||

*** Singer - Preeti M. Malu ***

 


also Read hanuman bhajan Hindi:-

तेरे दरबार आते रहेंगे (Tere Darbar Aate Rahenge Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Sunil Sarvottam 

फरियाद मेरी सुनके हनुमान चले आना (Fariyad Meri Sunke Hanuman Chale Aana Lyrics in Hindi) - By Sandeep Rajput Hanuman Bhajan - 

मेरा कोई नहीं एक तेरे सिवाय हे प्रभु (Mera Koi Nhin Eak Tere Sivay Hey Prabhu Lyrics in Hindi) - by Uma Lahari Hanuman Bhajan - 

राम दीवाना हो मस्ताना झूमे देखो बजरंगबली (Ram Diwaana Ho Mastana Jhoome Dekho Bajrangbali Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan - 

विश्वास ज़रूरी है (Vishwas Zaruri Hai Lyrics in Hindi) - by Arvind Sahal Balaji Bhajan Hanuman Bhajan 

वीरो में वीर तुम हो बजरंग बली है नाम (Veero Mein Veer Bajrang Bali Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Sunny Hari - 

साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "सालासर के वीर हनुमान तेरी लीला अजब निराली लिरिक्स (Salasar Ke Veer Hanuman Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Preeti M. Malu - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!