वैदिक नाद एवं मंत्र सागर सम्पूर्ण मंत्र संग्रह 108 जप काउंटर

सम्पूर्ण वैदिक मंत्र सूची एवं साधना निर्देशिका

सनातन धर्म के समस्त प्रमुख देवी-देवताओं के शक्तिशाली वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, ध्यान श्लोक, 108 जप नियम एवं सरल हिंदी भावार्थ का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।

321+ वैदिक मंत्र
8+ विशेष श्रेणियां
38,641+ पाठक दर्शन

पावन मंत्र संग्रह (Mantra Directory)

शुद्ध उच्चारण, विनियोग, बीज एवं हिंदी भावार्थ सहित नित्य पाठ करें।

पृष्ठ 24 / 27
LakshmiNarasimha 199

ॐ ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः – Lakshmi-Narasimha Mantra: Meaning, Benefits & Chanting

ॐ ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः।

भावार्थ: यह मंत्र देवी लक्ष्मी (समृद्धि) और भगवान नरसिंह (सुरक्षा) के संयुक्त स्वरूप को समर्पित है। यह साधक को क्रूरतम शत्रुओं, भ…

Siddhalakshmi 365

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः – Siddha Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिध्द लक्ष्म्यै नमः।

भावार्थ: यह ग्यारह अक्षरों का मंत्र देवी सिद्धलक्ष्मी को समर्पित है, जो साधक को आध्यात्मिक शक्तियाँ (सिद्धियाँ) प्रदान करती हैं त…

Dhanalakshmi 250

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धनलक्ष्मी – Dhanalakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धनलक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: जो मधुसूदन (भगवान विष्णु) की प्रियतमा हैं, जो देवताओं को प्रसन्न करने वाली हैं, जो नौ प्रकार के धन (नवनिधि) से आशीर्वाद …

Mahalakshmi 151

जय जय हे मधुसूदन कामिनि विद्यालक्ष्मी – Vidhya Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि विद्यालक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: हे मधुसूदन (मधु नामक दैत्य के वधकर्ता) की प्रियतमा, देवताओं को प्रसन्न करने वाली, सभी दुखों को दूर करने वाली, नौ प्रकार …

Mahalakshmi 188

जय जय हे मधुसूदन कामिनि विजयलक्ष्मी – Vijaya Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि विजयलक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: कमल पर विराजमान, मोक्ष प्रदान करने वाली और ज्ञान का विस्तार करने वाली विजयलक्ष्मी की जय हो। यह मंत्र सभी कार्यों में सफल…

Mahalakshmi 157

जय जय हे मधुसूदन कामिनि संतानलक्ष्मी – Santana Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि संतानलक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: गरुड़ पर विराजमान मोहिनी (लक्ष्मी) से प्रार्थना है कि वे हमारी रक्षा करें और हमें संतान और परिवार का आशीर्वाद प्रदान करे…

Mahalakshmi 202

जय जय हे मधुसूदन कामिनि गजलक्ष्मी – Gaja Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि गजलक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: जय-जय हे मधुसूदन (विष्णु) की प्रियतमा, गजलक्ष्मी (हाथियों, रथों और घोड़ों की सेना से घिरी हुई राजसमृद्धि की देवी), जिनकी…

Mahalakshmi 200

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धैर्यलक्ष्मी – Dhairya Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धैर्यलक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: जय-जय हे मधुसूदन (विष्णु) की प्रियतमा, धैर्यलक्ष्मी (साहस की देवी), सदा मेरी रक्षा करो।

Mahalakshmi 168

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धान्यलक्ष्मी – Dhanya Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धान्यलक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: जय-जय हे मधुसूदन (विष्णु) की प्रियतमा, धान्यलक्ष्मी (अन्न की देवी), सदा मेरी रक्षा करो।

Mahalakshmi 198

जय जय हे मधुसूदन कामिनि आदिलक्ष्मी – Adi Lakshmi Mantra: Meaning, Benefits & Chanting Guide

जय जय हे मधुसूदन कामिनि आदिलक्ष्मी सदा पालय माम्।

भावार्थ: जय-जय हे मधुसूदन (विष्णु) की प्रियतमा, आदिलक्ष्मी, सदा मेरी रक्षा करो।

Mahalakshmi 552

ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः – The Golden Rain Mantra: Meaning, Benefits & Kanakadhara Story

ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।

भावार्थ: हे महालक्ष्मी, जो ह्रीं (हृदय) और क्लीं (इच्छा) के बीज मंत्रों से आवाहन की जाती हैं, आपको नमस्कार है।

Mahalakshmi 236

ॐ ह्री श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी – Daily Wealth Mantra: Meaning, Benefits & How to Chant

ॐ ह्री श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा।

भावार्थ: ॐ, ह्रीं, श्रीं, क्रीं, श्रीं, क्रीं, क्लीं, श्रीं। हे महालक्ष्मी, मेरे घर को धन से परिपूर्ण करें, परिपूर्ण करें और मेरी…

वैदिक मंत्र विज्ञान, साधना विधि एवं 108 जप रहस्य

सनातन धर्म में 'मंत्र' केवल शब्द या अक्षरों का समूह नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Vibration) को मानव शरीर और चेतना में संचरित करने का एक अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने गहन तपस्या और नाद-ब्रह्म के अनुसंधान द्वारा इन दिव्य ध्वनियों की अनुभूति की थी।

1. नाद और ध्वनि तरंगों का प्रभाव

संस्कृत भाषा के प्रत्येक वर्ण का संबंध मानव शरीर के 72,000 नाड़ियों और 7 प्रमुख चक्रों से है। जब किसी वैदिक मंत्र का लयबद्ध और शुद्ध उच्चारण किया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अनुनाद (Resonance) तरंगे मस्तिष्क की अल्फा-तरंगों को सक्रिय कर मानसिक तनाव को शांत करती हैं।

2. 108 बार जप का खगोलीय रहस्य

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकाशमंडल में 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं (27 × 4 = 108)। साथ ही सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है। अतः 108 जप संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ आत्म-संरेखण स्थापित करता है।

मंत्र जप के तीन प्रमुख प्रकार (Types of Mantra Japa)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

भक्तिलोक पर प्रस्तुत समस्त मंत्र एवं साधना सामग्री उपलब्ध सनातन धर्मग्रंथों एवं परंपराओं के संदर्भ पर आधारित संपादकीय रूप से तैयार की गई है।
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!