श्री राम षडक्षर मंत्र – ॐ श्री रामाय नमः: अर्थ, जप विधि, तारक रहस्य, लाभ व शास्त्र प्रमाण
भावार्थ: I bow to Lord Rama, the embodiment of dharma and virtue.
सनातन धर्म के समस्त प्रमुख देवी-देवताओं के शक्तिशाली वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, ध्यान श्लोक, 108 जप नियम एवं सरल हिंदी भावार्थ का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।
शुद्ध उच्चारण, विनियोग, बीज एवं हिंदी भावार्थ सहित नित्य पाठ करें।
भावार्थ: I bow to Lord Rama, the embodiment of dharma and virtue.
भावार्थ: I bow to Goddess Durga, the invincible one, who protects from all evils.
भावार्थ: I bow to Lord Ganesha, the remover of obstacles.
भावार्थ: I bow to Goddess Saraswati, the embodiment of knowledge, arts, and wisdom.
भावार्थ: I bow to Lord Vishnu, the son of Vasudeva, the supreme being.
भावार्थ: O energy of the Lord (Hare), O all‑attractive Lord (Krishna), O reservoir of pleasure (Rama), please engage me in Your s…
भावार्थ: I bow to Shiva, the auspicious one.
भावार्थ: We worship the three-eyed Lord Shiva who nourishes and perfumes all beings. May He liberate us from the bondage of death…
भावार्थ: We meditate on the glory of the Creator...
सनातन धर्म में 'मंत्र' केवल शब्द या अक्षरों का समूह नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Vibration) को मानव शरीर और चेतना में संचरित करने का एक अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने गहन तपस्या और नाद-ब्रह्म के अनुसंधान द्वारा इन दिव्य ध्वनियों की अनुभूति की थी।
संस्कृत भाषा के प्रत्येक वर्ण का संबंध मानव शरीर के 72,000 नाड़ियों और 7 प्रमुख चक्रों से है। जब किसी वैदिक मंत्र का लयबद्ध और शुद्ध उच्चारण किया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अनुनाद (Resonance) तरंगे मस्तिष्क की अल्फा-तरंगों को सक्रिय कर मानसिक तनाव को शांत करती हैं।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकाशमंडल में 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं (27 × 4 = 108)। साथ ही सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है। अतः 108 जप संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ आत्म-संरेखण स्थापित करता है।
प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।