वैदिक नाद एवं मंत्र सागर सम्पूर्ण मंत्र संग्रह 108 जप काउंटर

सम्पूर्ण वैदिक मंत्र सूची एवं साधना निर्देशिका

सनातन धर्म के समस्त प्रमुख देवी-देवताओं के शक्तिशाली वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, ध्यान श्लोक, 108 जप नियम एवं सरल हिंदी भावार्थ का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।

321+ वैदिक मंत्र
8+ विशेष श्रेणियां
38,516+ पाठक दर्शन

प्रमुख मंत्र श्रेणियां (Mantra Categories)

अपनी अभीष्ट साधना एवं आवश्यकतानुसार अभीष्ट मंत्र श्रेणी का चयन करें।

सक्रिय फ़िल्टर: देवता: 'माँ बगलामुखी' (कुल 10 मंत्र उपलब्ध)
फ़िल्टर हटाएं

पावन मंत्र संग्रह (Mantra Directory)

शुद्ध उच्चारण, विनियोग, बीज एवं हिंदी भावार्थ सहित नित्य पाठ करें।

पृष्ठ 1 / 1
माँ बगलामुखी (पीताम्बरा) 43

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और पैरों को स्तम्भित कर दीजिए, शत्रुओं का पूर्ण स्तम्भन हो।

माँ बगलामुखी 19

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

भावार्थ: माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं देवी हैं। इनका स्तम्भन मंत्र शत्रुओं के शमन और वाक् सिद्धि के लिए अत्यंत प्रभावशाल…

माँ बगलामुखी 25

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और पैरों को स्तम्भित कर दीजिए, शत्रु के स्तम्भन, उसकी जीभ को कीलित और बुद्धि क…

माँ बगलामुखी देवी 63

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन...

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और पैरों को स्तम्भित कर दीजिए तथा शत्रु के कुप्रयासों को रोक दीजिए।

माँ बगलामुखी (पीताम्बरा) 47

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और चरणों को स्तम्भित कर दीजिए, उनके शत्रुकर्म को रोकिए, उनकी जिह्वा को कीलित क…

माँ बगलामुखी 67

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रुन् स्तम्भय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और पैरों को स्तम्भित कर दीजिए, शत्रुओं का स्तम्भन कीजिए और उनकी बुद्धि का विना…

मां बगलामुखी 27

मां बगलामुखी वास्तु दोष नाशक मंत्र: गुरु गोरखनाथ कृत प्रयोग

मां बगलामुखी वास्तु दोष नाशक मंत्र: गुरु गोरखनाथ कृत प्रयोग

भावार्थ: मां बगलामुखी वास्तु दोष एवं नकारात्मक ऊर्जा नाशक शाबर मंत्र की विधि और महत्व जानें। गुरु गोरखनाथ द्वारा रचित इस शक्तिशाल…

मां बगलामुखी 26

मां बगलामुखी वास्तु दोष नाशक शाबर मंत्र: विधि और महत्व

मां बगलामुखी वास्तु दोष नाशक शाबर मंत्र: विधि और महत्व

भावार्थ: मां बगलामुखी के वास्तु दोष नाशक शाबर मंत्र का अर्थ, विधि और महत्व जानें। नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए गुरु गोरखनाथ द्…

मां बगलामुखी 91

मां बगलामुखी शाबर मंत्र: शत्रु बाधा और नजर दोष निवारण विधि

मां बगलामुखी शाबर मंत्र: शत्रु बाधा और नजर दोष निवारण विधि

भावार्थ: मां बगलामुखी शाबर मंत्र का अर्थ, गुरु गोरखनाथ कृत प्रयोग, शत्रु बाधा और नजर दोष निवारण की संपूर्ण विधि जानें। Bhaktilok.…

माँ बगलामुखी 61

बगलामुखी शत्रु संहारक मंत्र: अर्थ, महत्व और जाप विधि

बगलामुखी शत्रु संहारक मंत्र: अर्थ, महत्व और जाप विधि

भावार्थ: बगलामुखी शत्रु संहारक मंत्र का अर्थ, महत्व और जाप विधि जानें। पढ़ें इस मंत्र का भावार्थ और धार्मिक संदर्भ। Read complete…

वैदिक मंत्र विज्ञान, साधना विधि एवं 108 जप रहस्य

सनातन धर्म में 'मंत्र' केवल शब्द या अक्षरों का समूह नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Vibration) को मानव शरीर और चेतना में संचरित करने का एक अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने गहन तपस्या और नाद-ब्रह्म के अनुसंधान द्वारा इन दिव्य ध्वनियों की अनुभूति की थी।

1. नाद और ध्वनि तरंगों का प्रभाव

संस्कृत भाषा के प्रत्येक वर्ण का संबंध मानव शरीर के 72,000 नाड़ियों और 7 प्रमुख चक्रों से है। जब किसी वैदिक मंत्र का लयबद्ध और शुद्ध उच्चारण किया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अनुनाद (Resonance) तरंगे मस्तिष्क की अल्फा-तरंगों को सक्रिय कर मानसिक तनाव को शांत करती हैं।

2. 108 बार जप का खगोलीय रहस्य

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकाशमंडल में 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं (27 × 4 = 108)। साथ ही सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है। अतः 108 जप संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ आत्म-संरेखण स्थापित करता है।

मंत्र जप के तीन प्रमुख प्रकार (Types of Mantra Japa)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

भक्तिलोक पर प्रस्तुत समस्त मंत्र एवं साधना सामग्री उपलब्ध सनातन धर्मग्रंथों एवं परंपराओं के संदर्भ पर आधारित संपादकीय रूप से तैयार की गई है।
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!