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जय शम्भु जय जय शम्भू (Jai Shambhu Jai Jai Shambhu Lyrics in Hindi) । Lakhbir Singh Lakha Shiv Bhajan

लखबीर सिंह लक्खा द्वारा गाया प्रसिद्ध शिव भजन 'जय शम्भु जय जय शम्भू' के लिरिक्स हिंदी में पढ़ें। भगवान शिव के इस पवित्र भजन का आनंद लें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

जय शम्भु जय जय शम्भू(Jai Shambhu Jai Jai Shambhu Lyrics in Hindi) । Lakhbir Singh Lakha Shiv Bhajan - 

Song:जय शम्भु जय जय शम्भू(Jai Shambhu Jai Jai Shambhu Lyrics in Hindi)

Album: Shiv Shankar Damru Wale

Singer: Lakhbir Singh Lakkha

Music: Sohan Lal

Writer: Ram Lal Sharma

Category: Hindi Devotional 

Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur

Label: Yuki

जय शम्भु जय जय शम्भू(Jai Shambhu Jai Jai Shambhu Lyrics in Hindi):- 

काशी वाले , देवघर वाले , भोले डमरूधारी -2

 खेल तेरे हैं नाथ निराले  शिव शंकर त्रिपुरारी 

 जय जय जय काशी वाले,  काशी वाले , देवघर वाले,

 खेल  हैं  तेरे नाथ निराले , जय शंभू जय जय शंभू -2

 जय जय जय काशी वाले,  काशी वाले , देवघर वाले,

 खेल  हैं  तेरे नाथ निराले , जय शंभू जय जय शंभू -2

 जय शंभू  जय जय शंभू भोले...जय शंभू जय जय शंभू

जय शंभू जय जय शंभू -2

 जो भी तेरा ध्यान धरे,  उसका  सुर नर मान करें  

जन्म मरण से वह उभरें भोले , चरण तुम्हारे जो भर ले

 दया करो विष पीने वाले,  भक्तजनों के रखवाले

 तुम बिन नैया कौन संभाले ,

जय शंभू  जय जय शंभू ...जय शंभू जय जय शंभू

 बाबा जय शंभू जय जय शंभू ,जय शंभू जय जय शंभू

 जय शंभू  जय जय शंभू ...जय शंभू जय जय शंभू

 ऐसे हो औ घर दानी ,  देते हो वर मनमानी,  

असमासूर था अभिमानी,  तो भस्म कराई शैतानी,  

तो पार्वती बन विष्णु आए,  दगाबाज को मजा चखा है,  

भांग धतूरा आपके खाए, 

जय शंभू  जय जय शंभू भोले...जय शंभू जय जय शंभू

जय शंभू जय जय शंभू ,जय शंभू जय जय शंभू

 जय शंभू  जय जय शंभू ...जय शंभू जय जय शंभू

 अपनी विपदा किसे सुनाएं -2,  मन में एक आशा है लाई

 श्री चरणों की धूल मिले जो,  नयन हमारे दर्शन पाए,

आस  हमारी पूरी कर दो , मेरी खाली झोली भर दो,  एक नजर मुझ पर भी कर दो

जय शंभू  जय जय शंभू भोले...जय शंभू जय जय शंभू

जय शंभू जय जय शंभू ,जय शंभू जय जय शंभू

 जय शंभू  जय जय शंभू ...जय शंभू जय जय शंभू

 जो भी आया  तेरे द्वारे, जागे उसके भाग्य सितारे,

 मैं शरणागत शरण तिहारी, भोले शरण तिहारी, शरण तिहारी,

 करो नहीं कोई लाखों टारे, शर्मा को मत भूलो स्वामी, 

 हे कैलाशी अंतर्यामी,  ओम नमः शिव नमो नमामि

जय शंभू जय जय शंभू ,जय शंभू जय जय शंभू

 जय जय जय काशी वाले,  काशी वाले , देवघर वाले,

 खेल  हैं  तेरे नाथ निराले , 

जय शंभू जय जय शंभू ,जय शंभू जय जय शंभू

जय शंभू जय जय शंभू ,जय शंभू जय जय शंभू

 जय शंभू  जय जय शंभू ...जय शंभू जय जय शंभू

बाबा जय शंभू जय जय शंभू ,जय शंभू जय जय शंभू

 जय शंभू  जय जय शंभू ...जय शंभू जय जय शंभू

जय शम्भु जय जय शम्भू (Jai Shambhu Jai Jai Shambhu Lyrics in Hindi) । Lakhbir Singh Lakha Shiv Bhajan - Bhaktilok

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भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "जय शम्भु जय जय शम्भू (Jai Shambhu Jai Jai Shambhu Lyrics in Hindi) । Lakhbir Singh Lakha Shiv Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।

शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?

शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?

सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?

हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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