bholenath bhajan lyrics मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

कब लोगे खबर भोलेनाथ लिरिक्स (Kab Loge Khabar Bholenath Lyrics in Hindi) - Lakhbir Singh Lakkha Shiv Bhajan

कब लोगे खबर भोलेनाथ लिरिक्स पढ़ें लक्खी सिंह लक्खा का यह प्रसिद्ध शिव भजन। संदर्भ एवं व्याख्या सहित शुद्ध हिंदी पाठ, अर्थ और वीडियो यहाँ देखें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

ओ बड़ी देर भई बड़ी देर भई

कब लोगे खबर भोलेनाथ

चलते चलते मेरे पग हारे

कब लोगे खबर मेरी भोले नाथ

आया हूँ मैं भी द्वार तुम्हारे

अपनी झोली आज पसारे

खाली जाऊ भला मैं कैसे

तेरे दर से है भोले नाथ

तेरे दर से है भोले नाथ

हे नाथ हे नाथ

बड़ी देर भई बड़ी देर भई

कब लोगे खबर भोलेनाथ

चलते चलते मेरे पग हारे

कब लोगे खबर भोलेनाथ

अनजाना हूँ राह दिखा दो

अब तो बाबा हाथ बड़ा दो

मोह माया में मैं अटका प्राणी

नही पाऊ मैं डगर भोले नाथ

हे नाथ हे नाथ

बड़ी देर भई बड़ी देर भई

कब लोगे खबर भोलेनाथ

चलते चलते मेरे पग हारे

कब लोगे खबर मेरी भोले नाथ

कब लोगे खबर भोलेनाथ

भगतो को जो ठुकराओगे

आप भी बाबा पछताओगे

खुद तुम को मनाना होगा

रूठ जाऊ अगर भोले नाथ

हे नाथ हे नाथ

बड़ी देर भई बड़ी देर भई

कब लोगे खबर भोलेनाथ

चलते चलते मेरे पग हारे

कब लोगे खबर मेरी भोले नाथ

कब लोगे खबर भोलेनाथ

ना कर बाबा हम को निराशा

बस हु दर्शन को मैं हु प्यासा

बिन पाए कैसे दरस कैसे

शर्मा जाये अपने घर भोले नाथ

बड़ी देर भई बड़ी देर भई

कब लोगे खबर भोलेनाथ

चलते चलते मेरे पग हारे

कब लोगे खबर मेरी भोले नाथ

कब लोगे खबर भोलेनाथ ||

Also Read Shyam Bhajan:-

अपने दिल का हाल सुनावन आयां हां (Apne dil ka haal sunawan aaya Lyrics in Hindi) - Shyam Bhajan - 

अर्ज़ करू मैं एक तुमसे मेरे श्याम (Arz Karu Main Ek Tumse Lyrics in Hindi) - Khatu Shyam Bhajan Sanjeev Kumar (Hansi) - 

आँख मिचोली श्याम धणी अपने भक्ता ने खूब टटोले रे (Aankh Micholi Bhajan Lyrics in Hindi) - by Ayush- Piyush Shyam Bhajan - 

आओ आओ साँवरिया बेगा आओ (Aao Aao Sanwariya Bega Aao Lyrics in Hindi) - Khatu Shyam Bhajan - 

आये श्याम धणी सरकार लीले पे असवार री | Aaye Shyam Dhani Sarkar Lyrics in Hindi - - New!

इस कलयुग में बस मेरे श्याम के चर्चे है (Mere Shyam Ke Charche Hain Lyrics in Hindi) - Shyam Bhajan Suren Namdev - 

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।

साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "कब लोगे खबर भोलेनाथ लिरिक्स (Kab Loge Khabar Bholenath Lyrics in Hindi) - Lakhbir Singh Lakkha Shiv Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।

शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?

शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?

सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?

हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 11 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!