🙏 देखो नंदी पे होके सवार – चला है मेरा बम भोला

(Dekho Nandi Pe Hoke Sawaar, Chala Hai Mera Bam Bhola) – Shiv Bhajan 2026

भोले के दर्शन की आस ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: पारंपरिक / जगदेव एवं सुनीता (युगल गायन)
🏷️ श्रेणी: शिव भजन / बम भोला भजन
📍 भाव: भक्ति, श्रद्धा, शिव के दर्शन की व्याकुलता

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

देखो नंदी पे होके सवार,
चला है मेरा बम भोला।
देखो नंदी पे होके सवार,
चला है मेरा बम भोला।।

॥ अंतरा १ ॥

नाग काला हो नाग काला,
नाग काला गले में लिये धार,
चला है मेरा बम भोला।
देखो नंदी पे होके सवार,
चला है मेरा बम भोला।।

॥ अंतरा २ ॥

हाथों में त्रिशूल, ओढ़े मृगछाला जी,
माथे पे चंदा है बड़ा ही निराला जी।
और जटाओं में, और जटाओं में,
और जटाओं में गंगा की धार,
चला है मेरा बम भोला।
देखो नंदी पे होके सवार,
चला है मेरा बम भोला।।

॥ अंतरा ३ ॥

धूणा मसानों में भोले का लगे जी,
भोले के संग टोला भूतों का सजे जी।
गोला भांग का, ओ गोला भांग का,
गोला भांग का चढ़ाके दो-दो चार,
चला है मेरा बम भोला।
देखो नंदी पे होके सवार,
चला है मेरा बम भोला।।

॥ अंतरा ४ ॥

भक्तों पे कृपा करें हैं भोले नाथ जी,
करे सुनीता तुझपे है विश्वास जी।
कहे जगदेव, ओ कहे जगदेव,
कहे जगदेव सुन लो पुकार,
चला है मेरा बम भोला।
देखो नंदी पे होके सवार,
चला है मेरा बम भोला।।

देखो नंदी पे होके सवार,
चला है मेरा बम भोला।।

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन भोले शंकर के दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। "देखो नंदी पे होके सवार, चला है मेरा बम भोला" – भक्त अपने आराध्य भगवान शिव को नंदी पर सवार होकर आते हुए देख रहा है। यह दृश्य भक्त के हृदय में अपार श्रद्धा और उल्लास भर देता है।

पहले अंतरे में, शिव के गले में काले नाग की माला का वर्णन है – जो उनके संहारक और रक्षक दोनों स्वरूपों का प्रतीक है। दूसरे अंतरे में उनके त्रिशूल, मृगछाला, माथे पर चंद्रमा और जटाओं में गंगा की धार का चित्रण है – यह सब शिव के सौम्य एवं भयंकर दोनों रूपों को एक साथ दर्शाता है।

तीसरे अंतरे में शिव के भूत-प्रेतों के साथ मसानों में निवास का वर्णन है, जहाँ उनकी उपासना में धूणा जलता है और भांग-गोला चढ़ता है। अंत में, भक्त जगदेव और सुनीता के माध्यम से भोले से पुकार की गई है कि वे भक्तों पर कृपा बनाए रखें।

यह भजन सिखाता है कि भोले शंकर सरलता से प्रसन्न होने वाले हैं – बस सच्चे मन से पुकारने की देर है। वे अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं और उन पर कृपा की वर्षा करते हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

नंदी पर सवार भोला: नंदी शिव के वाहन हैं और भक्ति के प्रतीक हैं। नंदी पर सवार शिव का यह रूप भक्तों को दर्शाता है कि वे सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर हैं।

शिव के आभूषण: गले में नाग, माथे पर चंद्रमा, जटाओं में गंगा – यह सब शिव के वैराग्य और ब्रह्मांडीय स्वरूप के प्रतीक हैं। वे सरलता में भी सबसे विलक्षण हैं।

भूत-प्रेतों का साथ: शिव को भूतों का नाथ कहा जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि वे सभी प्राणियों के रक्षक हैं – चाहे वे किसी भी योनि में हों।

भांग और धूणा: शिव की उपासना में भांग, धतूरा और धूणा का विशेष महत्व है। यह भक्ति की सरलता और आत्मसमर्पण को दर्शाता है, जहाँ बाहरी आडंबरों की नहीं, बस सच्चे मन की जरूरत होती है।

💖 भोले की भक्ति का महासागर

🎯 संदेश

भगवान शिव को भोला कहा जाता है क्योंकि वे सरलता से प्रसन्न हो जाते हैं। इस भजन का संदेश है कि सच्चे मन से पुकारने पर भोले अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं और उनका जीवन सफल बनाते हैं।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणा है जो जीवन की कठिनाइयों में घिरे हैं। नंदी पर सवार भोले का यह रूप आशा और विश्वास का प्रतीक है कि वे हर संकट में अपने भक्तों के साथ खड़े हैं।

🙏 ॐ नमः शिवाय ।। हर हर महादेव !!

॥ भोले की कृपा से सब सुख हो प्राप्त ॥
॥ हर हर भोले, नमः शिवाय ।।