Matarani Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

माता रानी का श्रृंगार भजन लिरिक्स (Mata Rani Ka Shringar Lyrics in Hindi and English) - Kavita Raam Matarani Bhajan

भक्ति भजन "माता रानी का श्रृंगार भजन लिरिक्स (Mata Rani Ka Shringar Lyrics in Hindi and English) - Kavita Raam Matarani Bhajan" के हिन्दी लिरिक्स, भावार्थ, माहात्म्य और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)। सनातन भक्ति परंपरा के अनुसार संकीर्तन के लाभ और विधि पढ़ें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 


धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanyaa Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanyaa Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

चुनरिया लाल चोला लाल

Chunariya Laal Chola Laal

चुडिया लाल टिका लाल

Chudiyan Laal Teeka Laal

के सारा लाल लाल हैं

Ke Sara Laal Laal Hain

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar


धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanya Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanya Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar


कानों में कुण्डल सजे हैं

Kano Main Kundal Saje Hain

नाक में चमके मोती

Naak Main Chamke Moti

नतमस्तक है शशि दिवाकर

Natmastak Hain Shashi Divakar

देख के ऐसे ज्योति

Dekh Ke Aise Jyoti

मोतियन माला कंठ में साजे

Motiyan Mala Kanth Main Saaje

स्वर्णिम तन रक्ताम्बर राजे

Swarnim Tann Raktambar Raje

मांग सिंधुर बिराजै लाल

Mang Sidhur Biaraje Laal

के सारा लाल लाल हैं

Ke Sara Laal Laal Hai

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar


धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanya Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanya Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar


बाजू बंद भुझा में चमके

Baju Band Bhuja Main Chamke

कंगन सजे कलाई

Kangan Saje Kalayi

मैया की पायल ने जैसे

Maiya Ki Payal Ne Jaise

सौदामिनी समाई

Saudamini Samayi

मृगमद टिका माथे दमके

Mrugmad Tika Mathe Damke

रूपक बिछिया पैर में चमके

Rupak Bichiya Pair Main Chamke

सजी मेहंदी हथेली लाल

Saji Mehandi Hatheli Laal

के सारा लाल लाल हैं

Ke Sara Laal Laal Hain

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar


धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanya Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

धन्य हो रहीं देखकर आखियाँ बारंबार

Dhanya Ho Rahi Dekhkar Ankhiyan Barambar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar

ये माता रानी का श्रृंगार

Yeh Mata Rani Ka Shringar


लाल पुष्प की माला पहने

Laal Pushpa Ki Mala Pehane

माँ का रूप निराला

Maa Ka Roop Nirala

माँ के नैन सजाये अंजन

Maa Ke Nain Sajaye Anjan

उज्वल भागो वाला

Ujwal Bhago Wala

मुख सुंदरता कही न जाए

Mukh Sundarta Kahi Na Jaye

कोटि कोटि रजनीश लजाये

Koti Koti Rajnish Lajaye

अधर लाली सजी है लाल

Adhar Lali Saji Hain Laal

के सारा लाल लाल हैं

Ke Sara Laal Laal Hain

Yeh Mata Rani Ka Shringar

Yeh Mata Rani Ka Shringar...||


*** Singer: Kavita Raam ***

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माता रानी का श्रृंगार भजन लिरिक्स (Mata Rani Ka Shringar Lyrics in Hindi and English) - Kavita Raam Matarani Bhajan - Bhaktilok



सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "माता रानी का श्रृंगार भजन लिरिक्स (Mata Rani Ka Shringar Lyrics in Hindi and English) - Kavita Raam Matarani Bhajan - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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