Punjabi Devi Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

देखा जो तेरा भवन (Dekha Jo Tera Bhawan) - Devi Bhajan TRIPTI SHAKYA Navaratri Song

तृप्ति शाक्य द्वारा गाए प्रसिद्ध देवी भजन 'देखा जो तेरा भवन' के बोल और भावार्थ। नवरात्रि पर माँ दुर्गा की भक्ति में लीन होने के लिए यहाँ पढ़ें।

देवी भजन (Devi Bhajan)

Devi Bhajan TRIPTI SHAKYA Navaratri Song

सनातन संस्कृति में आदिशक्ति माँ दुर्गा, महालक्ष्मी और महासरस्वती का आराधन मनुष्य के जीवन से अंधकार को दूर कर प्रकाश और ऊर्जा का संचार करता है। नवरात्रि के पवित्र अवसर पर माँ भगवती के दर्शन और उनके पावन दरबार की महिमा का गुणगान करने वाले भजन भक्तों के अंतःकरण को भक्तिमय बना देते हैं। प्रसिद्ध गायिका तृप्ति शाक्य (Tripti Shakya) द्वारा स्वरबद्ध यह लोकप्रिय देवी भजन "देखा जो तेरा भवन (Dekha Jo Tera Bhawan)" जगत जननी माँ वैष्णो देवी और शेरावाली के अलौकिक दरबार की छटा का अत्यंत मनमोहक वर्णन करता है। शिव चोपड़ा के संगीत निर्देशन और रवि Chopra के लिखे ये बोल माँ के चरणों में अगाध श्रद्धा, समर्पण और प्रेम का भाव जगाते हैं। टी-सीरीज द्वारा प्रस्तुत यह भजन नवरात्रि और विशेष जागरण उत्सवों में विशेष रूप से गाया जाता है, जो भक्तों को माँ की ममतामयी गोद का अहसास कराता है।

गायक (Singer): तृप्ति शाक्य
संगीतकार (Music): शिव चोपड़ा
गीतकार (Lyricist): रवि चोपड़ा
म्यूजिक लेबल: टी-सीरीज (T-Series)

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

सुहाना मौसम, ठंडी हवा, तेरा भवन सजा है माँ, देखा जो तेरा भवन, मेरा मन मोह लिया माँ! पर्वतों पर बैठी शेरावाली, हाथ में त्रिशूल खप्पर संभाली, तूने ही तो बिगड़ी बनाई, तेरी महिमा सबने गाई। चरणों में तेरे झुकता संसार, तू ही तो है पालनहार, देखा जो तेरा भवन, मेरा मन मोह लिया माँ! लाल चुनरिया माँ को भाई, भक्तों ने मिल अलख जगाई, जय माता दी का गूंजे नारा, लगे प्यारा तेरा ये द्वारा। दुष्टों का संहार तू करती, भक्तों की झोली तू भरती, आदिशक्ति माँ जग कल्याणी, तेरी महिमा अमर है रानी। दर्शन पाकर धन्य हुए हम, दूर हुए सब संताप और गम, देखा जो तेरा भवन, मेरा मन मोह लिया माँ!

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन के माध्यम से गीतकार रवि चोपड़ा और गायिका तृप्ति शाक्य ने उस आध्यात्मिक शांति और आनंद का वर्णन किया है जो एक भक्त को माँ भगवती के दर्शन मात्र से प्राप्त होती है। जब कोई साधक त्रिकूट पर्वत या माँ के पावन दरबार (भवन) में पहुंचता है, तो वहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य—सुहाना मौसम और ठंडी हवा—उसके मन के सारे संतापों को हर लेता है।

भजन की पंक्तियों में माँ के स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया गया है कि पर्वतों पर विराजमान शेरावाली माँ हाथों में शस्त्र और अभय मुद्रा धारण कर अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। "देखा जो तेरा भवन, मेरा मन मोह लिया माँ" यह स्थायी पंक्ति भक्त के उस विस्मय और अगाध प्रेम को दर्शाती है जो माँ के अलौकिक सौंदर्य और करूणामयी दृष्टि को देखकर उसके हृदय में उत्पन्न होता है। यह रचना मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वरीय शरण में जाने की प्रेरणा देती है। इसी प्रकार के अन्य पावन पदों और स्तुतियों के लिए आप हमारे देवी भजन संग्रह का अवलोकन कर सकते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • देवी स्वरूप का दिग्दर्शन: भजन में माँ दुर्गा के ममतामयी और दुष्टनाशिनी दोनों रूपों का सुंदर संतुलन प्रस्तुत किया गया है।
  • मानसिक शांति और सुकून: इसके शब्द और संगीत भक्तों को तनाव मुक्त कर ध्यान और भक्ति की गहराई में ले जाते हैं।
  • नवरात्रि उत्सव की उमंग: विशेष रूप से शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दिनों में यह भजन पंडالों और घरों में गूंजता है।
  • भक्ति संगीत परंपरा: टी-सीरीज द्वारा प्रस्तुत यह रचना आधुनिक भक्ति संगीत और पारंपरिक लोकधुनों का एक उत्कृष्ट समन्वय है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को प्रातःकाल स्नान के पश्चात माता के सम्मुख दीपक प्रज्वलित करके अथवा संध्याकालीन आरती के समय सुना जा सकता है। नवरात्रि के नौ दिनों में विशेष रूप से दुर्गा सप्तमी, अष्टमी और नवमी के पावन अवसरों पर इस भजन का गान करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। माँ को लाल पुष्प, रोली, चावल अर्पित करने के बाद एकाग्र चित्त से इस भजन को सुनने या गाने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। आप माता की आराधना की संपूर्ण विधि के लिए दुर्गा पूजा एवं व्रत विधि लेख पढ़ सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / भाव
भवन देवी का पावन दरबार / मंदिर माता वैष्णो देवी या शक्तिपीठ का पवित्र धाम
शेरावाली शेर की सवारी करने वाली माता दुर्गा का सिंहारूढ़ पराक्रमी स्वरूप
अलख जगाना ईश्वर के प्रति चेतना और भक्ति फैलाना भक्तों द्वारा सामूहिक रूप से माँ का गुणगान करना
पालनहार पोषण करने वाला / रक्षक संपूर्ण सृष्टि की देखभाल करने वाली आदिशक्ति

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

माता के इस भजन का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित सिद्ध मंत्र का स्मरण करना अत्यंत फलदायी माना गया है:

"या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

यह श्लोक बताता है कि संसार के कण-कण में, हर जीव में माता की ही शक्ति विद्यमान है। नियमित रूप से इस मंत्र और भजन का अभ्यास करने से साधक के जीवन में भय और बाधाओं का नाश होता है।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम देखा जो तेरा भवन (Dekha Jo Tera Bhawan)
आराध्य देवी आदिशक्ति माता दुर्गा / शेरावाली
गायक (Singer) तृप्ति शाक्य (Tripti Shakya)
संगीतकार शिव चोपड़ा (Shiva Chopra)
गीतकार रवि चोपड़ा (Ravi Chopra)
भाषा हिंदी / ब्रज मिश्रित लोक शैली
संगीत लेबल्स टी-सीरीज (T-Series)
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, माता जागरण, संध्या आरती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस प्रसिद्ध देवी भजन को सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका तृप्ति शाक्य (Tripti Shakya) ने अपने मधुर स्वर से सजाया है।

इस भजन का संगीत शिव चोपड़ा (Shiva Chopra) द्वारा निर्देशित किया गया है, और इसके गीत रवि चोपड़ा ने लिखे हैं।

यह भजन शारदीय और चैत्र नवरात्रि, माता के जागरण, चौकी और संध्याकालीन देवी पूजन के समय विशेष रूप से गाया व सुना जाता है।

यह लोकप्रिय भजन टी-सीरीज (T-Series) म्यूजिक लेबल के बैनर तले जारी किया गया है।

देवी भजनों के श्रवण से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और माता भगवती के प्रति श्रद्धा व समर्पण भाव मजबूत होता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख सनातन भक्ति परंपरा, देवी संगीत और आधुनिक स्रोतों के आधार पर संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसका उद्देश्य पाठकों को प्रामाणिक जानकारी और उच्चकोटि की भक्ति सामग्री प्रदान करना है।


स्रोत एवं संदर्भ

  • 1. पारंपरिक देवी स्तुति एवं लोकगीत परंपरा
  • 2. टी-सीरीज (T-Series) संगीत प्रकाशन अभिलेख
  • 3. सनातन धर्म ग्रंथ एवं दुर्गा सप्तशती संदर्भ

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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