🙏 तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ – नवरात्रि भेंट

(Tainu Tereyan Naratiyan Di Vadhai Ae – Navratri Bhent by Ansh Sharma)

🎤 गायक: अंश शर्मा | तर्ज: पंजाबी भेंट / जगराता भजन

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: अंश शर्मा
🏷️ श्रेणी: नवरात्रि भेंट / दुर्गा भजन / पंजाबी भजन
🎵 तर्ज: पंजाबी भेंट / जगराता भजन
📀 भाव: नवरात्रि की हार्दिक बधाई, माँ दुर्गा की महिमा, आस्था और समर्पण

📜 भजन लिरिक्स (पंजाबी-हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ, वधाई ऐ, वधाई माँ।
तैनूं मेहरांवाली कहंदे ने, मेहरां ही मेहरां वरसाईं माँ।
तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ॥

॥ अंतरा १ – मंदर सजे, फुल्लां महकाए ॥

सज गए ने तेरे मंदर माँ,
असीं घर वी अपने सजाए ने,
तारे पए जगमग करदे ने,
फुल्लां ने राह महकाए ने।
इक सोहणी जई चुन्नी वी,
माये तेरे लई बनाई ऐ।
तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ॥

॥ अंतरा २ – ज्योत जगाके, रौनकां नाल तेरे ॥

तेरी ज्योत जगाके अम्मीये नी,
राह तकदे पए ने लाल तेरे,
तेरे नाल ही खुशियां खेड़े माँ,
सारे घर च रौनकां नाल तेरे।
असीं तेरे बच्चे हां,
ते तूं साड़ी भोली माई ऐं।
तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ॥

॥ अंतरा ३ – ढोल नगाड़े, चंदन दी चौकी ॥

वजदे ने ढोल नगाड़े माँ,
हर पासे रौनकां छाईयां ने,
बच्चेयां ने माँ नाल मिलणा ऐ,
किन्नी सोहनियां घड़ियां आईयां ने।
चंदन दी चौकी वी,
माये तेरे लई बनाई ऐ।
तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ॥

🚩 जय माता जी 🚩

🎤 गायक : अंश शर्मा

🎵 तर्ज : पंजाबी भेंट / जगराता भजन

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत हृदयस्पर्शी नवरात्रि भेंट (भजन) है, जो माँ दुर्गा को नवरात्रि के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई देता है। “तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ, वधाई ऐ, वधाई माँ” – भक्त माँ को उनके नवरात्रों की बधाई देते हैं। माँ को “मेहरांवाली” (कृपा करने वाली) कहा गया है, जो कृपा ही कृपा बरसाती हैं।

पहले अंतरे में भक्त कहते हैं कि माँ के मंदिर सज गए हैं, हमने अपने घर भी सजाए हैं। तारे जगमगा रहे हैं, फूलों ने राहें महका दी हैं। भक्तों ने माँ के लिए एक सुंदर चुन्नी भी बनाई है।

दूसरे अंतरे में – माँ की ज्योत जलाकर उनके बालक (भक्त) उनकी राह देख रहे हैं। सारे घर में खुशियाँ और रौनक माँ के साथ ही हैं। भक्त कहते हैं – “हम तेरे बच्चे हैं और तू हमारी भोली माई है।”

तीसरे अंतरे में ढोल-नगाड़े बज रहे हैं, हर ओर रौनक छाई है। बच्चों को माँ से मिलना है – कितनी सुंदर घड़ियाँ आई हैं। माँ के लिए चंदन की चौकी बनाई गई है।

यह भजन पंजाबी-हिन्दी मिश्रित भाषा में रचा गया है और नवरात्रि के जगरातों में गाया जाता है। यह माँ के प्रति भक्तों के प्रेम, समर्पण और कृतज्ञता को दर्शाता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

नवरात्रि की हार्दिक बधाई: यह गीत नवरात्रि के अवसर पर माँ दुर्गा का अभिनंदन करता है। “नरातियां दी वधाई” (नवरात्रों की बधाई) का भाव अद्वितीय है।

पंजाबी लोक शैली: “ढोल नगाड़े”, “चंदन दी चौकी”, “सोहणी चुन्नी” जैसे शब्द पंजाबी संस्कृति के सजीव चित्र प्रस्तुत करते हैं। यह भजन पंजाब के जगराता (जागरण) की परम्परा का अभिन्न अंग है।

माँ-बच्चे का नाता: “असीं तेरे बच्चे हां, ते तूं साड़ी भोली माई” – यह पंक्ति माँ दुर्गा और भक्तों के गहरे, आत्मीय संबंध को दर्शाती है।

💖 नवरात्रि का उल्लास और भक्ति

🎯 संदेश

नवरात्रि के नौ दिन माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय होते हैं। माँ के प्रति सच्ची भक्ति और उन्हें बधाई देने की यह भावना हर भक्त को उनके चरणों में समर्पित कर देती है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन नवरात्रि के पावन पर्व पर माँ के मंदिरों और घरों में गूंजता है। यह हर भक्त के हृदय में माँ के प्रति प्रेम और श्रद्धा का संचार करता है।

🙏 जय माता दी ।। जय अंबे माँ ।। तैनूं तेरेयां नरातियां दी वधाई ऐ ।।

॥ इति नवरात्रि भेंट सम्पूर्णम् ॥
🚩 जय माता जी 🚩