वैदिक नाद एवं मंत्र सागर सम्पूर्ण मंत्र संग्रह 108 जप काउंटर

सम्पूर्ण वैदिक मंत्र सूची एवं साधना निर्देशिका

सनातन धर्म के समस्त प्रमुख देवी-देवताओं के शक्तिशाली वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, ध्यान श्लोक, 108 जप नियम एवं सरल हिंदी भावार्थ का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।

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माँ गायत्री एवं भगवान विष्णु 43

श्री गायत्री प्राण प्रतिष्ठा व सुरक्षा मंत्र - ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्ववस्थां गतोपि वा सम्पूर्ण शुद्धि व साधना कवच

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्ववस्थां गतोपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥

भावार्थ: जो व्यक्ति चाहे अपवित्र स्थिति में हो या पवित्र स्थिति में, अथवा किसी भी अवस्था को प्राप्त हो, जो भगवान पुण्डरीकाक्ष (वि…

माता गायत्री / सूर्य देव 43

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देव स्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करते हैं। वह परमात्मा हमा…

माता गायत्री / सावित्री / सूर्य देव 44

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देव सावित्री का हम ध्यान करते हैं। वे हमारी बुद्धियों को …

माता गायत्री / सवितृ देव 45

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करते हैं। वह परमात्मा हमार…

माता गायत्री / सावित्री / सूर्य देव 23

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वयी, पापनाशक देव सावित्री का हम ध्यान करते हैं। वह हमारी बुद्धियों को…

माता गायत्री एवं सविता देवता 42

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करते हैं। वह परमात्मा हमार…

माता गायत्री / सविता देवता 38

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करते हैं। वह परमात्मा हमार…

माता गायत्री / सावित्री / सूर्य देव 25

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देवस्वरूपी परमात्मा का हम ध्यान करते हैं; जो हमारी बुद्धि…

माता गायत्री / सवितृ देव 29

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करते हैं। वह परमात्मा हमार…

माता गायत्री / सवितृ देव 62

गायत्री महामंत्र - ॐ भूर्भुवः स्वः सम्पूर्ण 24 अक्षर शक्ति, अर्थ, जप विधि व वैज्ञानिक महत्व

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

भावार्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करते हैं। वह परमात्मा हमार…

वैदिक मंत्र विज्ञान, साधना विधि एवं 108 जप रहस्य

सनातन धर्म में 'मंत्र' केवल शब्द या अक्षरों का समूह नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Vibration) को मानव शरीर और चेतना में संचरित करने का एक अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने गहन तपस्या और नाद-ब्रह्म के अनुसंधान द्वारा इन दिव्य ध्वनियों की अनुभूति की थी।

1. नाद और ध्वनि तरंगों का प्रभाव

संस्कृत भाषा के प्रत्येक वर्ण का संबंध मानव शरीर के 72,000 नाड़ियों और 7 प्रमुख चक्रों से है। जब किसी वैदिक मंत्र का लयबद्ध और शुद्ध उच्चारण किया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अनुनाद (Resonance) तरंगे मस्तिष्क की अल्फा-तरंगों को सक्रिय कर मानसिक तनाव को शांत करती हैं।

2. 108 बार जप का खगोलीय रहस्य

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकाशमंडल में 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं (27 × 4 = 108)। साथ ही सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है। अतः 108 जप संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ आत्म-संरेखण स्थापित करता है।

मंत्र जप के तीन प्रमुख प्रकार (Types of Mantra Japa)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

भक्तिलोक पर प्रस्तुत समस्त मंत्र एवं साधना सामग्री उपलब्ध सनातन धर्मग्रंथों एवं परंपराओं के संदर्भ पर आधारित संपादकीय रूप से तैयार की गई है।
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