Latest Bhakti Song मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

तेरा जलवा जलवा लिरिक्स (Tera Jalwa Jalwa Lyrics in Hindi) - Desh Bhakti Song Lyrics

भक्ति भजन "तेरा जलवा जलवा लिरिक्स (Tera Jalwa Jalwa Lyrics in Hindi) - Desh Bhakti Song Lyrics" के हिन्दी लिरिक्स, भावार्थ, माहात्म्य और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)। सनातन भक्ति परंपरा के अनुसार संकीर्तन के लाभ और विधि पढ़ें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

ए वतन ए वतन जाने जा जानेमन

ये समा ये बहार दिल फ़िदा जा निसार

ए वतन ए वतन जाने जा जानेमन

ये समा ये बहार दिल फ़िदा जा निसार

जलवा.. तेरा जलवा, तौबा मेरी तौबा

मेरी निगाहें करती है

मेरी निगाहें करती है

तेरे कदमों पे सजदा सजदा

जलवा तेरा जलवा जलवा

हो तेरा जलवा जलवा

जलवा तेरा जलवा जलवा

हो तेरा जलवा जलवा

जलवा.. तेरा जलवा, तौबा मेरी तौबा

नच घुघिये नि तेनू पका देयागें

नच घुघिये नि तेनू पका देयागें

कच्चा नए तेनू पक्का देयागें

रीझ दी दाल विच पका देयागें

नच घुघिये नि तेनू पका देयागें

दूध दी खिर नाल लिपा देयागें

रोटी पूरी नए चप्पा देयागें

गोल गोल गोल गोल चप्पा देयागें

नच घुघिये नि तेनू पका देयागें

हो ओ.. हो ओ…

जिस्म तेरा सोने का, हीरे मोती लाल जड़े हैं

अरे जिस्म तेरा सोने का, हीरे मोती लाल जड़े हैं

तेरे दर पे हम सब तेरे, पहेरेदार खड़े हैं

हम है तो क्या ग़म है प्यारे

हम है तो क्या ग़म है प्यारे

काहे का है खतरा

जलवा तेरा जलवा जलवा

हो तेरा जलवा जलवा

जलवा तेरा जलवा जलवा

हो तेरा जलवा जलवा

चनवे की शौकन मेले दी

शावां की शौकन मेले दी

मैं ढोके झाझरा पौन्दी

मैं हिलादी औंदी की

की शौकन आहा की शौकन मेले दी

चनवे की शौकन मेले दी

अड़िये की नक् तेरी सोने दी

बुलिया ते मललया लाउदीं

चूडा खनकाउदी मेलदी औंदी

की शौकन आहा की शौकन मेले दी

चनवे की शौकन मेले दी

शावा की शौकन मेले दी

हो ओ हो ओ हो ओ…ओ..

हम्म मैं हूँ फौज़ी तू मनमौजी

मैं हूँ फौज़ी अरे तू मनमौजी

खूब मिले दिवाने दो जी खूब मिले दीवाने

इस मिटटी के साथ जुड़े हैं

फ़र्ज़, मोहब्बत, रोटी, रोज़ी

फ़र्ज़, मोहब्बत, रोटी, रोज़ी

दिल के अंदर इश्क़ का जज़्बा

दिल के अंदर इश्क़ का जज़्बा

क्या जलवा क्या परदा

जलवा तेरा जलवा जलवा

तेरा जलवा जलवा

जलवा तेरा जलवा जलवा

हो तेरा जलवा जलवा

गुलशन गुलशन सेहरा सेहरा

महफ़िल महफ़िल साहिल साहिल

बस्ती बस्ती मस्ती मस्ती

ज़ुल्फ़ में बादल जलवा जलवा

आँख में काजल ओये क्या कहना

फूल सा मुखड़ा जलवा जलवा

चाँद का टुकड़ा ओये क्या कहना

चेहरा किताबी ओये क्या कहना

होठ गुलाबी ओये क्या कहना

चाल शराबी ओये क्या कहना

ठाठ नवाबी ओये क्या कहना

कोई फरिश्ता या बंदा

सबकी जुबाँ पे तेरा चर्चा

जलवा तेरा जलवा जलवा

तेरा जलवा जलवा

जलवा तेरा जलवा जलवा

हो तेरा जलवा जलवा

जलवा तेरा जलवा तौबा मेरी तौबा

जलवा तेरा जलवा तौबा मेरी तौबा ||

*** Singer(s): Sukhwinder Singh, Udit Narayan ***



सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "तेरा जलवा जलवा लिरिक्स (Tera Jalwa Jalwa Lyrics in Hindi) - Desh Bhakti Song Lyrics - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

श्रेणियां: Latest Bhakti Song

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

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