Hanuman Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा (Leke Sanjivani Sankat Ko Mitane Aaja Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan by Devendar Pathak

हनुमान जी के प्रति समर्पित यह भजन संकटों को मिटाने की अद्भुत शक्ति और भक्ति का अनुभव कराता है।

प्रस्तावना एवं परिचय

हन्मान कृपा: संकट को मिटाने की प्रार्थना

हनुमान जी की शरण में आकर संकटों से मुक्ति पाने का यह भजन सुनिए और मन की शांति प्राप्त करें।

लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा गहराई में जब संकट छाने आजा लौटते हुए जब मन, फिर ना भूलेगा वो जाना लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा तेरी भक्ति में जो जीते सबको सुख देगी जा जो भी तेरा जाप करेगा संकट हरण होगा तेरे नाम का जप करके हम सबको भक्ति में रखना लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा संकट में तेरे ही तुम हो, भक्ति से कर दो सब दूर तुजको भक्ति में वशीभूत करूँ, चलो संजीवनी दे दो तेरे नाम का जप करके हम सबको भक्ति में रखना लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय संकटों से मुक्ति की प्रार्थना है। इस भजन में हनुमान जी से आह्वान किया गया है कि वे संकट में बंधे भक्तों की मदद करें। जैसे हनुमान जी ने रामायण में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने में श्रीराम की सहायता की, उसी प्रकार भक्तों के संकटों को मिटाने के लिए उनके पास आएँ। 'लेके संजीवनी संकट को मिटाने' शब्द यह दर्शाता है कि हनुमान जी के पास संजीवनी शक्ति है, जो न केवल शारीरिक संकट बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संकटों को भी दूर कर सकती है। इस भजन में भक्त ने हनुमान जी को अपने संकट दूर करने के लिए आमंत्रित किया है, यह दिखाते हुए कि उसकी भक्ति किस प्रकार शक्ति में बदल सकती है। hनुमान जी की छवि एक शक्तिशाली देवता की है जो बाधाओं और संकटों को दूर करने में निपुण है।

इस भजन में एक गहन भावार्थ है जो भक्त की भावनाओं और भक्ति को उजागर करता है। संकट के समय हनुमान जी का स्मरण करने से भक्त को आंतरिक शक्ति और धैर्य मिलता है। 'गहराई में जब संकट छाने आजा' पंक्ति में भक्त अपनी वेदना को व्यक्त करता है कि संकट में वह हनुमान जी की सहायता चाहता है। यहाँ भावनाएँ गहराई से जुड़ी हुई हैं, जहाँ भक्त अपने संदेह और डर को भक्ति के माध्यम से दूर करने का प्रयास करते हैं। यह गीत सिर्फ समस्याओं को दूर करने की प्रार्थना नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा है, जहाँ भक्त अपने मन की अशान्ति को दूर कर हनुमान जी में लीन हो जाना चाहते हैं।

भक्तिमार्ग का यह भजन हनुमान जी की महिमा और उनके प्रति श्रद्धा को दर्शाता है। भक्ति का मार्ग एकाग्रता और समर्पण की अनुकृति है, जो कि इस भजन में स्पष्ट रूप से दिखता है। संजीवनी का उल्लेख इस बात का प्रतीक है कि हनुमान जी न केवल संकटों का निवारण करते हैं बल्कि जीवन में ऊर्जा और उमंग का संचार भी करते हैं। यहाँ पर 'तेरे नाम का जप करके हम सबको भक्ति में रखना' दर्शाता है कि भक्ति का पुष्टिकरण नाम जप में है, जिससे मानसिक शांति और आनंद की प्राप्ति होती है। इस भजन के द्वारा भक्त हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था और भक्ति को व्यक्त करता है, जो जीवन के सभी पहलुओं में सहायक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन महाकवि तुलसीदास के रचनाओं से प्रेरित है, जहाँ हनुमान जी को संकट नाशक कहा गया है। रामायण में हनुमान जी की शक्ति और साहस को बार-बार दर्शाया गया है। इससे पता चलता है कि जब भी किसी पर संकट आता है, हनुमान जी की उपासना करने से साधक को अवश्य ही सहायता मिलती है। यह भजन हनुमान चालीसा और अन्य हनुमान स्तोत्रों का विस्तार है, जिसमें भक्त अपनी समस्याओं के समाधान के लिए हनुमान जी की शक्ति का स्मरण करते हैं।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। इस भजन का जप करने से मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक बल की प्राप्ति होती है। यह भजन संकटों में आशा और धैर्य का संचार करता है, जिससे भक्ति भावना में वृद्धि होती है। नियमित रूप से इस भजन का जाप करने से भक्त की जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह या शाम को किया जा सकता है, खासतौर पर जब व्यक्ति मानसिक तनाव या संकट का सामना कर रहा हो। श्रद्धा पूर्वक दीप जलाएं और प्रसाद अर्पित करें। भक्ति भाव से और एकाग्रता से पूजा करें, जिससे हनुमान जी की कृपा जल्दी प्राप्त हो सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का अर्थ क्या है?

इस भजन में हनुमान जी से संकटों को मिटाने और संजीवनी प्रदान करने की प्रार्थना की गई है, ताकि भक्त अपने जीवन में आने वाली समस्याओं से मुक्त हो सकें।

कौन इस भजन को गाता है?

यह भजन देवेंद्र पाठक द्वारा गाया गया है, जो हनुमान भक्ति के प्रसिद्ध गायक हैं और भक्तों के बीच लोकप्रिय हैं।

क्या इसे नियमित रूप से गाना चाहिए?

हाँ, इस भजन का नियमित रूप से जाप करने से मानसिक शांति और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन के संकट दूर हो सकते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

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