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ये बंधन तो प्यार का बंधन है लिरिक्स ( Ye Bandhan To Pyar Ka Bandhan Hai Lyrics in Hindi) - Alka Yagnik Karan Arjun

करण अर्जुन फिल्म के सदाबहार गीत 'ये बंधन तो प्यार का बंधन है' के हिंदी लिरिक्स, अर्थ और महत्व की विस्तृत व्याख्या संदर्भ सहित पढ़ें।

भक्ति और संगीत के पावन संगम में 'ये बंधन तो प्यार का बंधन है' एक ऐसा अमर गीत है जो पारिवारिक मूल्यों, अटूट विश्वास और मानवीय संबंधों की गहराई को जीवंत कर देता है। वर्ष 1995 में आई सुपरहिट ब्लॉकबस्टर फिल्म 'करण अर्जुन' (Karan Arjun) का यह कालजयी गीत संगीतकार राजेश रोशन और गीतकार इंदिवर की अनूठी रचना है। अलका याग्निक, उदित नारायण और कुमार शानू के जादुई स्वरों से सजा यह गीत केवल एक फिल्मी रचना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के उस शाश्वत संस्कार का प्रतीक है जहाँ प्रेम, त्याग और संबंधों की पवित्रता को सर्वोपरि माना गया है। भक्तीलोक के इस विस्तृत आलेख में हम इस पावन गीत के संपूर्ण बोल, इसके पीछे छिपे गहरे दार्शनिक और आध्यात्मिक भाव, और पारिवारिक व सामाजिक जीवन में इसके महत्व का गहन अध्ययन करेंगे।

सम्पूर्ण गीत के बोल | Complete Lyrics

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ 'ये बंधन तो प्यार का बंधन है' गीत के संपूर्ण बोल नीचे दिए गए हैं:


स्थाई (Mukhda):

ये बंधन तो प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है
ये बंधन तो प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है
ओ... जीत न सकेगी इसको कोई ज़माने की ताकत
ये बना है खुदा के मिलन से...
ये बंधन तो प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है...

अंतरा 1 (Antara 1):

मन में है विश्वास और आँखों में है प्यार
चल पड़े हैं लेकर हम अपना यह संसार
रंग लाई है हमारी वफाओं की लगन
झुक रहा है आज सारा ये संसार मगन
ओ... महकेगी हरदम इस प्यार की फुलवारी
मिल गई हमको खुशियों की दुनिया सारी
ये बंधन तो प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है...

अंतरा 2 (Antara 2):

साथी मेरे, जीवन साथी, वचन निभाएंगे
सुख-दुःख में हम हरदम काम आएंगे
टूटेगा न कभी ये विश्वास का धागा
साथ हमारा जग से है निराला और अलग
ओ... सात जन्मों का है ये पावन रिश्ता
हर मुश्किल में चमकता रहेगा ये फरिश्ता
ये बंधन तो प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है...

गीत का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Song Meaning & Bhavarth

यह गीत मात्र भाई-बहन, माता-पिता या प्रेमी-प्रेमिका के बीच के रिश्ते को ही नहीं दर्शाता, बल्कि यह उस परम आध्यात्मिक और सात्विक संबंध की व्याख्या करता है जो दो आत्माओं को प्रेम और कर्तव्य के सूत्र में पिरोता है। 'जन्मों का संगम है' पंक्ति सनातन धर्म के उस सिद्धांत की याद दिलाती है जिसमें जीव और परमात्मा अथवा सच्चे संबंधों का रिश्ता केवल इस जन्म तक सीमित नहीं होता, बल्कि जन्म-जन्मांतर तक यात्रा करता रहता है।

गीत की यह पंक्ति— *"जीत न सकेगी इसको कोई ज़माने की ताकत, ये बना है खुदा के मिलन से"*— इस बात का प्रमाण है कि जब प्रेम में स्वार्थ नहीं बल्कि समर्पण, विश्वास और पवित्रता होती है, तो उसे संसार की कोई भी नकारात्मक शक्ति या परिस्थिति खंडित नहीं कर सकती। यह भारतीय संस्कृति की उस मूल भावना को उजागर करता है जहाँ रिश्तों को निभाने के लिए प्राणों की बाजी लगा दी जाती है, ठीक जैसे फिल्म 'करण अर्जुन' में माँ का अपने बच्चों के प्रति अटूट विश्वास और भाइयों का प्रेम दिखाया गया है।

गीत की मुख्य भावना एवं संदेश | Theme, Emotion & Message

इस लोकप्रिय गीत के केंद्र में वात्सल्य, भाई-बहन का स्नेह, अटूट विश्वास और समर्पण की भावना निहित है। आज के भौतिकवादी युग में जहाँ संबंध क्षणिक और स्वार्थी होते जा रहे हैं, यह गीत हमें याद दिलाता है कि वास्तविक रिश्ते विश्वास, त्याग और परस्पर सम्मान की नींव पर टिके होते हैं। यह संदेश देता है कि जीवन की हर विषम परिस्थिति में यदि परिवार और अपनों का साथ हो, तो हर बड़ी से बड़ी बाधा को आसानी से पार किया जा सकता है।

गीत की जानकारी | Song Information

गीत का नाम ये बंधन तो प्यार का बंधन है (Ye Bandhan To Pyar Ka Bandhan Hai)
गायक कलाकार अलका याग्निक, उदित नारायण, कुमार शानू
गीतकार (Lyricist) इंदिवर (Indeevar)
संगीतकार (Music Composer) राजेश रोशन (Rajesh Roshan)
फिल्म / एल्बम करण अर्जुन (Karan Arjun - 1995)
भाषा हिंदी / उर्दू मिश्रित बोलचाल
मुख्य भाव प्रेम, समर्पण, विश्वास, पारिवारिक एकता

गीत के रचनाकार एवं कलाकार | Artists & Creators

फिल्म 'करण अर्जुन' के इस गीत को अमर बनाने में इसके रचनाकारों और गायकों का अतुलनीय योगदान रहा है। गीतकार इंदिवर जी ने अपनी सरल और हृदयस्पर्शी शब्दावली से भारतीय पारिवारिक संस्कारों को शब्दों में पिरोया। वहीं, राजेश रोशन के सुरीले संगीत ने इसमें ऐसी मिठास घोली जो आज भी हर पीढ़ी के श्रोताओं के दिलों को छू लेती है। अलका याग्निक की कोमल और भावुक आवाज, उदित नारायण की ऊर्जावान गायकी और कुमार शानू के सुरों ने इस गीत को भारतीय संगीत इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बना दिया है।

कठिन शब्दों के अर्थ | Difficult Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
बंधन प्रेम या कर्तव्य की अटूट डोर रिश्तों की पवित्रता
संगम मिलन, मेल या एकत्र होना आत्माओं या जन्मों का साथ
वफा निष्ठा, ईमानदारी, पक्का भरोसा संबंधों के प्रति समर्पण
फुलवारी फूलों का बगीचा, उपवन सुख और प्रेम से भरा जीवन
फरिश्ता रक्षक, देवदूत या मददगार मुश्किल समय में साथ देने वाला

गीत का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व | Spiritual & Cultural Significance

भारतीय संस्कृति में परिवार को ही प्रथम पाठशाला और मंदिर माना गया है। सनातन परंपरा में 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना कूट-कूट कर भरी है। यह गीत उसी सांस्कृतिक चेतना का आधुनिक प्रतिरूप है। जब हम वेदों और उपनिषदों के पारिवारिक मूल्यों को देखते हैं, तो पाते हैं कि प्रेम ही वह शक्ति है जो ब्रह्मांड को चलाती है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, जीवात्मा और परमात्मा का संबंध भी इसी अनन्य प्रेम बंधन का सर्वोच्च रूप है। जब मनुष्य सांसारिक रिश्तों में निष्काम भाव से प्रेम करना सीख जाता है, तो उसके लिए ईश्वरीय भक्ति का मार्ग स्वतः प्रशस्त हो जाता है। इसी प्रकार के अन्य पावन भजनों और सांस्कृतिक गीतों के अध्ययन के लिए आप श्री हनुमान चालीसा और अन्य सनातन ग्रंथों से जुड़े लेख पढ़ सकते हैं।

गीत से मिलने वाली जीवन सीख | Life Lessons

यह गीत हमें जीवन के कई महत्वपूर्ण आयाम सिखाता है:

  • अटूट विश्वास: जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां आएं, अपनों पर और ईश्वर पर विश्वास कभी नहीं डगमगाना चाहिए।
  • निःस्वार्थ प्रेम: सच्चा प्रेम अपेक्षाओं से परे होता है और वह केवल देना जानता है।
  • संकट में एकता: पारिवारिक और सामाजिक एकता ही हर बड़ी से बड़ी समस्या का एकमात्र समाधान है।
  • कर्तव्यपरायणता: अपने वचनों और रिश्तों के प्रति वफादार रहना ही एक श्रेष्ठ मनुष्य का धर्म है।

गीत सुनने का अवसर एवं परंपरा | When to Listen / Sing

यह गीत किसी विशेष पूजा या अनुष्ठान का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक उत्सवों, विवाह समारोहों, भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन, और पारिवारिक मिलन समारोहों (Family Reunions) की शान है। जब कभी परिवार में बिखराव की स्थिति आए या रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगें, तब इस प्रकार के संगीत का श्रवण मन को जोड़ने और पुरानी स्मृतियों को ताजा करने का कार्य करता है।

एक नजर में गीत की जानकारी | Song at a Glance

विशेषता विवरण
गीत का शीर्षक ये बंधन तो प्यार का बंधन है
प्रसिद्धि 90 के दशक का सबसे लोकप्रिय पारिवारिक गीत
मुख्य संदेश पारिवारिक प्रेम, एकता और अटूट विश्वास
उपयुक्त अवसर विवाह, पारिवारिक उत्सव, रक्षाबंधन
संगीत विधा सुगम संगीत / बॉलीवुड क्लासिक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह गीत वर्ष 1995 में प्रदर्शित हुई ब्लॉकबस्टर हिंदी फिल्म 'करण अर्जुन' (Karan Arjun) का है।

इस गीत को अलका याग्निक, उदित नारायण और कुमार शानू ने अपने मधुर स्वरों में गाया है।

इस गीत के संगीतकार राजेश रोशन हैं और इसके प्रसिद्ध बोल गीतकार इंदिवर जी द्वारा लिखे गए हैं।

यह गीत पारिवारिक प्रेम, अटूट विश्वास, समर्पण और रिश्तों की पवित्रता का संदेश देता है।

हाँ, यद्यपि यह एक फिल्मी गीत है, परंतु इसके बोल 'जन्मों का संगम' और 'खुदा के मिलन' जैसे शब्द जीव और परमात्मा के शाश्वत प्रेम संबंध की याद दिलाते हैं।

इसे विवाह समारोहों, पारिवारिक मिलन उत्सवों, रक्षाबंधन और स्नेही जनों के कार्यक्रमों में मुख्य रूप से बजाया जाता है।

फिल्म में यह गीत माता और उसके दोनों पुत्रों के पुनर्मिलन और पारिवारिक प्रेम व ममता के गहन प्रसंग पर आधारित है।

भक्तीलोक केवल धार्मिक ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी सांस्कृतिक और सात्विक रचनाओं को भी संचित करता है जो मानव मन में प्रेम, करुणा और उच्च संस्कारों का संचार करती हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

भक्तीलोक पर प्रकाशित यह आलेख पाठकों की सांस्कृतिक और साहित्यिक रुचि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। गीत के बोल, अर्थ और पृष्ठभूमि का तथ्यात्मक संकलन पूरी प्रमाणिकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह सामग्री संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के अंतर्गत मान्य है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक उच्च गुणवत्ता वाली और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर सामग्री पहुँचाना है।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • भारतीय सिनेमा का इतिहास एवं संगीतकोश
  • राजेश रोशन एवं इंदिवर रचनावली
  • सनातन पारिवारिक मूल्य एवं सांस्कृतिक परंपराएं
  • पंचांग एवं संगीत समीक्षा ग्रंथ

संबंधित भजन एवं लेख

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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